logo

आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार : नामकुम में रांची डीसी ने किया परिसंपत्ति वितरण, अन्नप्राशन और गोद भराई की रस्म भी हुई

RDC1111.jpg

रांची 
झारखंड स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत रांची जिले में मंगलवार को बड़े स्तर पर पंचायत स्तरीय जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया। नामकुम प्रखंड के हाहाप पंचायत में आयोजित मुख्य शिविर में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजन्त्री पहुंचे और मौके पर ही विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरण किया।
शिविर में उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया, प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि मुक्तिनाथ मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि एतवा मुंडा, प्रमुख आशा कच्छप, मुखिया नाने कच्छप समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। 


प्रशासन खुद पंचायत स्तर पर जनता के द्वार पहुंच रहा है
उपायुक्त ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार की वह पहल है जिसके माध्यम से प्रशासनिक तंत्र स्वयं ग्रामीणों के पास पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और मौके पर समाधान दे रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे बेझिझक अपनी समस्याएं रखें, क्योंकि जिला प्रशासन त्वरित निष्पादन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पहले से आवेदन कर चुके लोगों को जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज ऑन-द-स्पॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभ भी मौके पर ही वितरित किए जा रहे हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी
उपायुक्त ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, ग्राम गाड़ी योजना, मनरेगा सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया भी समझाई ताकि अधिक से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकें।


परिसंपत्ति वितरण
शिविर में निम्नलिखित परिसंपत्तियों का वितरण किया गया-
•    वृद्धावस्था, निःशक्तजन और विधवा पेंशन की स्वीकृति पत्र
•    सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत वस्त्र
•    दाखिल-खारिज शुद्धि पत्र तथा अन्य स्वीकृति पत्र
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से वंचित न रहने दिया जाए।
अन्नप्राशन और गोद भराई की रस्म
मातृ-शिशु स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए शिविर में एक बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार करवाया गया। उपायुक्त ने खुद बच्चे को खीर खिलाकर उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इसी तरह एक गर्भवती महिला की गोद भराई रस्म भी पारंपरिक तरीके से संपन्न हुई। महिला को पोषण किट, मातृत्व सुरक्षा सामग्री और शुभकामनाएं प्रदान की गईं। उपायुक्त ने कहा कि मां और बच्चे का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पारंपरिक संस्कारों को सरकारी कार्यक्रमों से जोड़कर न केवल पोषण का संदेश दिया जा रहा है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत भी जीवंत हो रही है।


शिकायतों के त्वरित निवारण पर जोर
उप विकास आयुक्त सौरभ भुवनिया ने लोगों से कहा कि वे इन शिविरों में आकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं। अधिकांश शिकायतों का समाधान मौके पर कर दिया जाता है, जबकि जटिल मामलों को समयबद्ध तरीके से संबंधित विभागों को भेजा जाता है। उन्होंने जनता से अधिक संख्या में शिविरों का लाभ उठाने की अपील की, ताकि उनकी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंच सकें और समाधान तेज हो सके।


 

Tags - Jharkhand News News Jharkhand Jharkhand।atest News News