द फॉलोअप डेस्क
जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा हजारीबाग के बाद आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार रांची के भी कई अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के प्रभारी अधीक्षक सुदर्शन और सहायक करापाल देवनाथ राम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के अलावा चीफ हेड वार्डन अवधेश सिंह और रिजर्व हेड वार्डन विनोद कुमार यादव को निलंबित किया गया है। जेल क्लर्क प्रमिला कुमारी और निरल टोप्पो को भी निलंबित किया गया है। वहीं संविदा पर कार्यरत दो पूर्व सैनिकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। प्रमिला कुमारी को कैदियों की चिट्ठी दबाने और टोप्पो को लापरवाही बरतने के आरोप में कारा महानिरीक्षक ने यह कार्रवाई की है।
इस पूरी प्रकरण में दिलचस्प यह है कि चीफ हेड वार्डन अवधेश सिंह को पहले भी निलंबित किया गया था। लेकिन उसकी पहुंच इतनी थी कि निलंबन के बाद हजारीबाग में पोस्टिंग की गई। लेकिन पैरवी के बल पर उन्होंने अपनी प्रतिनियुक्ति केंद्रीय कारा रांची में ही करा लिया। इतना ही नहीं कुछ ही दिनों बाद उनका निलंबन भी वापस कर दिया गया।
जेल में बंद कैदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों से पैसे लेने के आरोप में यह कार्रवाई की गई। झारखंड के जेल आईजी, सुदर्शन मंडल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई थी और जांच में जो भी दोषी पाए गए, उन पर कार्रवाई की गई है।
गौरतलब है कि मुलाकातियों से पैसे लेने का मामला सामने आने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने इसका संज्ञान लिया था, जिसके बाद तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई गई थी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट आईजी को सौंप दी, जिसके बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा में नाम अवधेश सिंह का है, जो रांची जेल के हेड वार्डन हैं। इससे पहले एक मामले में ईडी ने भी अवधेश सिंह को पूछताछ के लिए समन भेजा था।
बता दें कि रांची जेल में कोई भी बड़ा अधिकारी नहीं राज्य के सबसे महत्वपूर्ण बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा की स्थिति यह है कि यहां ना तो जेल अधीक्षक है ना ही जेलर। जेल अधीक्षक का प्रभार ADM रांची को दिया गया है। वहीं जेलर का काम सहायक जेलर विनोद कुमार यादव निभा रहे है।
