रांची
रांची पुलिस ने बच्चा चोरी, तस्करी और गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए 13 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 12 चोरी किए गए बच्चों को भी सुरक्षित बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह बच्चों की चोरी कर उन्हें जबरन गलत कामों में लगाने, बेचने और अंग व्यापार तक में संलिप्त था।
यह खुलासा रांची से लापता अंश और अंशिका मामले की जांच के दौरान हुआ। 14 जनवरी को दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले से बरामद किया गया था। इस मामले में पहले सूर्या और सोनी नामक दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को एक संगठित अपराध रैकेट की जानकारी मिली, जो लंबे समय से सक्रिय था।
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रांची के एसएसपी ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का सरगना विरोधी उर्फ अनुराग है, जो रामगढ़ जिले का रहने वाला है और फिलहाल सिल्ली इलाके में रह रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी अकेले नहीं बल्कि कई सहयोगियों के साथ मिलकर इस गिरोह को संचालित कर रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी रांची के अलग-अलग इलाकों से बच्चों की चोरी करते थे। चोरी के बाद बच्चों से भीख मंगवाने, छोटे-मोटे अपराध करवाने और मजदूरी कराने का काम लिया जाता था। यदि खरीदार मिल जाता तो बच्चों को बेच दिया जाता था। लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने और बच्चों के अंगों की तस्करी तक की जानकारी जांच में सामने आई है।
एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। अंश और अंशिका का सौदा पांच लाख रुपये में तय किया गया था, जिसमें खरीदार द्वारा 50 हजार रुपये की एडवांस राशि भी दी जा चुकी थी। फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हैं, जिनकी पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
