द फॉलोअप डेस्क
पलामू सदर थाना क्षेत्र के सतबरवा ओपी अंतर्गत बकोरिया में 8 जून 2015 को हुए कथित पुलिस नक्सली मुठभेड़ मामले में सीबीआई की पक्षपात पूर्ण जांच और उसकी क्लोजर रिपोर्ट से यह जाहिर हो गया है कि यह एजेंसी पूरी तरीके से केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। इस क्लोजर रिपोर्ट के बाद सीबीआई के चेहरे से उसका बचा-खुचा मुखौटा भी उतर चुका है। उक्त बातें झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कही है। उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से मांग की है कि, वह इसकी गंभीरता के साथ जांच पड़ताल का निर्देश दें। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से सीबीआई को निष्पक्ष बनाने की दिशा में कदम उठाने की मांग की है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो पूरी तरीके से केंद्र सरकार के इशारे पर
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो पूरी तरीके से केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है। यहीं कारण है कि जहां विपक्षी नेताओं पर लगे आरोपों पर उसकी कार्रवाई तेज गति से होती है। वहीं जो नेता भाजपा में चले जाते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई रोक दी जाती है। पलामू का बकोरिया हत्याकांड एक ऐसा नरसंहार था जिसकी हो रही जांच के ऊपर झारखंड के सवा तीन करोड़ लोगों की नजर थी। लेकिन इस मामले में सीबीआई ने न केवल क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट में दाखिल कर दिया है बल्कि अपने मुखोटे को भी उतार फेंका है।

यह एक गंभीर मामला
बंधु तिर्की ने कहा कि बकोरिया ऐसा कांड था जिसमें सिपाही से लेकर पुलिस महानिदेशक स्तर तक के अनेक अधिकारियों से सीबीआई ने पूछताछ की थी। इसके अलावा पुलिस के ऊपर पीड़ित परिवारों के द्वारा जो आरोप लगाये गये थे उसके मामले में भी सीबीआई ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उसे कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है। 10 निर्दोष व्यक्तियों एवं बच्चों की हत्या के दोषियों के विरुद्ध जांच के उपरांत समर्पित यह क्लोजर रिपोर्ट बहुत ही गंभीर मामला है। इस मामले पर झारखंड के भाजपा नेताओं को विशेष रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। क्योंकि पहली नजर में यह एकतरफा रिपोर्ट लगती है।
हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT