द फॉलोअप डेस्क
तुरियाडीह गांव में अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याओं और क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा उपस्थित रही। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने इस अवसर पर बिजली की अनियमित आपूर्ति, पेयजल संकट, सड़क की जर्जर अवस्था, मनरेगा कार्यों की धीमी प्रगति, राशन वितरण, धूमकुड़िया, आंगनबाड़ी सेवाओं तथा पेंशन जैसी योजनाओं में आ रही दिक्कतों को विस्तार से रखा। मुख्य अतिथि आशा लकड़ा ने अपने संबोधन में कहा, "जनसंवाद का उद्देश्य सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करना है। हम चाहते हैं कि ग्रामीण अपनी बात बिना किसी डर के रखें और प्रशासन उन पर त्वरित कार्रवाई करे।" उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन समस्याओं का समाधान संभव है, उन्हें तुरंत निपटाया जाए, और जिनके लिए उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजना आवश्यक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अग्रेषित किया जाए।
आशा लकड़ा ने यह भी कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज के लोग अधिकारों और किसी भी तरह की परेशानियों से संबंधित मामलों की जानकारी सीधे आयोग को दे सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अनुसूचित जनजाति की परंपरा और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दी। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, रोजगार, पेंशन, वनाधिकार और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामवासियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और कई मामलों का मौके पर ही निवारण किया। इसके साथ ही कई असहाय ग्रामीणों में कंबल का वितरण भी किया गया अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें मंच तक लाया गया और बुके देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला कल्याण पदाधिकारी, बीडीओ दिनेश कुमार, कल्याण पदाधिकारी गणेश राम, पंचायत समिति सदस्य रामवृत उरांव, आसीस सोनी, अशोक कुमार, सतीश बंसल, दीपांकर कुमार, घुड़ा उरांव, संतराम उरांव, सावित्री कुजूर, उर्मिला देवी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
