सिमडेगा
बदलाव की शुरुआत खुद से! प्रधानमंत्री की ऊर्जा बचत की अपील का असर अब न्यायपालिका में भी दिखने लगा है। धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को अपने आवास से कोर्ट तक का सफर पैदल तय कर न केवल पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश दिया, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई। बताया गया कि उन्होंने ईंधन बचत,पर्यावरण संरक्षण तथा आम लोगों के बीच सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से यह पहल की। 
न्यायाधीश की पैदल यात्रा से सामाजिक संदेश और पर्यावरण जागरूकता
न्यायालय पहुंचने के दौरान उन्होंने रास्ते में लोगों से भी संवाद किया और कहा कि छोटी-छोटी पहल से बड़े बदलाव संभव हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का कम से कम उपयोग करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की थी। इसके बाद देश के कई हिस्सों में अधिकारी,जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक पदाधिकारी पैदल या साइकिल से कार्यालय पहुंचकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। 
पद की गरिमा के साथ पर्यावरण की चिंता
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के इस कदम को न्यायपालिका की सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है। न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं एवं कर्मियों ने भी उनकी पहल की प्रशंसा करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समाज के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करें,तो आम जनता में भी जागरूकता तेजी से बढ़ती है। राजीव कुमार सिन्हा का यह प्रयास न केवल ईंधन बचत का संदेश देता है,बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी लोगों को प्रेरित करता है।