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National Voters Day 2023 : जाति,धर्म,संप्रदाय के प्रलोभनों से दूर रह अपने मत का करें प्रयोग- रमेश बैस

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रांची:
13वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेश बैस ने रांची विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में जिला और मुख्यालय स्तर पर चुनाव संबंधित कार्य को बेहतर ढंग से करने वाले झारखंड के 3 डीसी सम्मानित किया। इसमें जामताड़ा, लातेहार और सिमडेगा के डीसी सहित अन्य लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस लोकतंत्र में मतदाताओं के महत्व को भी दर्शाता है। मतदाताओं की भागीदारी के बिना लोकतंत्र की कल्पना अधूरी है। विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के नाते भारत में मतदाताओं को जागरुक करने और चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने में इस दिन का विशेष महत्व है। 


युवा मतदाताओं को दी विशेष बधाई
राज्यपाल ने कहा कि मैं उन युवा मतदाताओं को विशेष बधाई देता हूं। जिनका पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़ा है। अपने जन-प्रतिनिधियों का चयन अपने विवेक और सूझ-बूझ के साथ करें। मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय जाति, धर्म व संप्रदाय एवं भाषा आदि किसी भी प्रकार के प्रलोभनों से दूर रह कर अपने विवेक और अपनी अंतरात्मा की आवाज पर अपने मत का प्रयोग करें। देश का हर नागरिक जागरूक हो एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझे।
‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’ है थीम
भारत का निर्वाचन आयोग अपने स्थापना काल से ही विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र को निरंतर सशक्त बनाने के लिए वचनबद्ध है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम रखा गया है- ‘वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम’। लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सतर्कता एवं जागरूकता पर ही निर्भर है। लोकतंत्र में सिर्फ वोटर बनना ही उपलब्धि नहीं है। मतदाताओं पर बहुत बड़ा दायित्व होता है और मतदाता पहचान पत्र आपको अपने दायित्व का निरंतर बोध कराता है।


जिनका मतदान सूची में न नहीं वह जरूर दर्ज कराएं
 लोकतंत्र में मतदान करना बहुत ही पवित्र कार्य है। इससे देश व प्रदेश को दिशा मिलती है। लोग सोचते हैं कि एक वोट नहीं डालने से क्या होगा? यदि प्रत्येक मतदाता यह सोचकर मतदान करने नहीं जाए, तो क्या मतदान हो पायेगा? लेकिन बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। कुछ लोग समयाभाव के कारण वोट डालने नहीं जाते है, तो कुछ लंबी लाइन देख कर लौट जाते हैं, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें इस उदासीनता और आलस से उबरना होगा और यदि मददाता सूची में नाम नहीं है तो नाम दर्ज कराने का प्रण भी लेना होगा। प्रत्येक योग्य नागरिक जो 18 वर्ष से अधिक हो, अपने जागरूक होने का परिचय देते हुए मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाये। आप लोग ऑनलाइन माध्यम से भी मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं। खुशी है कि निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर मतदाता जागरूकता अभियान के जरिये सभी योग्य व्यक्तियों को इस दिशा में प्रेरित किया जाता है।