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सुनीता चौधरी रामगढ़ की खोई गरिमा वापस दिलाने का करेंगी काम – सुदेश महतो

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रामगढ़: 
 हमारे चूल्हा प्रमुख पार्टी के सबसे मूल्यवान कार्यकर्ता हैं। जनता के सुख-दुख के असली साझीदार भी। रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हर घर, हर परिवार की सेवा के लिए ही चूल्हा प्रमुखों का चयन करते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।उक्त बातें आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने 9 फरवरी को रामगढ़ के गोला स्थित सीपीसी कॉलेज के मैदान में आयोजित चूल्हा प्रमुखों के सम्मेलन में उन्होंने यह बात कही। इसके साथ ही गांव-गांव से जुटे हजारों चूल्हा प्रमुखों को कर्तव्य, निष्ठा और जनसेवा की शपथ दिलाई। चूल्हा प्रमुखों का सम्मेलन आम अवाम के सुख-दुख में साथ खड़ा रहने का संकल्प है। चूल्हा प्रमुख हर घर परिवार के हक अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी का काम करेंगे। 

 3 साल से रामगढ़ नेतृत्व विहीन

सुदेश महतो ने आगे कहा कि तीन साल से रामगढ़ नेतृत्व विहीन है। 27 फरवरी को होने वाले उपचुनाव में जीत दर्ज कर एनडीए की उम्मीदवार सुनीता चौधरी रामगढ़ की खोयी गरिमा वापस दिलाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जनता की सेवा ली है। कांग्रेस को आम आदमी के राशन की नहीं अपनी चिंता रही है। जबकि आजसू जनता की सेवा करती रही है। आजसू के नेतृत्व में ही रामगढ़ का परिचय बदला, लेकिन कांग्रेस ने उस परिचय को तीन साल में ही चौपट करके रख दिया। हमने विकास का जो मुकुट सजाया था। उसे कांग्रेस ने नोंच ली। 

हेमंत सोरेन सरकार में चौतरफा अराजकता

सुदेश कुमार महतो ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार में चारों तरफ अराजकता है। बिना घूस के कोई काम नहीं होता। युवा बेरोजगार बैठे हैं और मुख्यमंत्री जोहार यात्रा निकाल रहे हैं।  कांग्रेस और झामुमो ने अल्पसंख्यकों को मानसिक रूप से गिरवी बना दिया है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल माफी की बात करनेवाली सरकार गरीबों का कनेक्शन काट रही। सोरेन परिवार कभी नहीं चाहता था कि अलग राज्य बने। इनका मकसद विषय को जिंदा रखकर राजनीति करने का है। अगर इन्होंने ईमानदार प्रयास किया होता तो 1993 में ही अलग राज्य का गठन हो गया होता। हेमंत सोरेन की यही मानसिकता स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति को लेकर है। आजसू पार्टी की पहल का असर है कि सुप्रीम कोर्ट ने निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित कराने हेतु राज्य सरकार को निर्देश दिया है।