द फॉलोअप डेस्क
चाईबासा स्थित सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में संविधान दिवस के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य ओ. पी. मिश्रा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2015 में भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। 26 नवंबर भारतीय लोकतंत्र का गौरवशाली दिवस है। यह दिन उन महान हस्तियों को स्मरण करने का अवसर है जिन्होंने लगभग तीन वर्षों तक अथक मेहनत कर भारत के संविधान को मूर्त रूप दिया और देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रदान की।
उन्होंने बताया कि भारत का संविधान 2 वर्ष 11 महीने और 18 दिनों में तैयार हुआ था। संविधान की बदौलत भारत आज विश्व समुदाय के समक्ष एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में खड़ा है। यह दस्तावेज देश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा, सम्मान और समानता का एहसास कराता है।
कार्यक्रम में कक्षा नौवीं के छात्र-छात्राओं हर्षिता, जीशान, सोहम, परीकेत, रुद्र सरकार, प्रियांशु, सूपी, ऋषिका सिंह, मोहित और अर्पित ने शिक्षिका सुमित्रा कुमारी के मार्गदर्शन में संविधान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रस्तुत कीं। छात्रा रोशनी कुमारी ने प्रार्थना सभा में सभी छात्रों को ‘संविधान की प्रस्तावना’ की शपथ दिलाई। वहीं, छात्र शुभम कुमार गुप्ता ने संविधान की प्रमुख बातों पर अपने विचार साझा किए। मंच का संचालन छात्रा हर्षिता कुमारी और दिव्यांशी चौधरी ने किया।
