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रांची : सुखाड़ का मुआयना करने दिल्ली से पहुंची टीम, प्रभावित इलाकों का करेंगी दौरा

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रांची: 
झारखंड में सुखाड़ का मुआयना (drought inspection) करने दिल्ली से टीम रांची पहुंच चुकी है। इस टीम का नेतृत्व भारत सरकार के संयुक्त सचिव एस रुकमणी (S Rukmani) कर रही हैं। यह टीम राज्य सरकार के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगी। उसके बाद सुखाड़ क्षेत्र का दौरा करेगी। उसके बाद ही तय होगा की जो लिस्ट झारखंड सरकार ने जारी किया है,उस क्षेत्र की स्थिति क्या है। 13 जनवरी तक टीम झारखंड के विभिन्न प्रखंडों का जायजा लेगी। उसके बाद ही झारखंड की मांग के अनुरूप सूखा राहत योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से 9 हजार करोड़ की सहायता राशि मिलेगी या नहीं इसपर निर्णय होगा।


ये लोग हैं टीम में
रांची पहुंची टीम में डॉ.मानसिंह, नीति आयोग के एससी मीणा, निर्देशक करण चौधरी,पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सलाहकार डॉ राजशेखर, पशुपालन विभाग के निर्देशक वीआर ठाकरे,ग्रामीण विकास के डिप्टी सेक्रेटरी यूके नैयर,जल संसाधन विभाग के निर्देशक प्रमोद नारायण,डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर के निर्देशक महेश कुमार,खादी एवं जन वितरण विभाग के सहायक निर्देशक बृजमोहन सिंह शामिल है। केंद्र से आई टीम को राज्य सरकार की तरफ से एक रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर झारखंड की मांग के अनुरूप सूखा राहत योजना के तहत केंद्र सरकार से 9 हजार करोड़ की सहायता राशि मिल सकती है। सूखा राहत के तहत मिलने वाली राशि राज्य सरकार को तीन किस्तों में मिलेगी।
22 जिलों के 226 प्रखंडों को राज्य सरकार ने किया सूखाग्रस्त घोषित
बता दे कि झारखंड सरकार ने पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा को छोड़कर सभी 22 जिलों के 226 प्रखंडों सूखाग्रस्त घोषित किए हैं। भारत सरकार की संयुक्त सचिव एस रुक्मणी ने बताया कि राज्य सरकार से जानकारी लेकर 13 जनवरी तक टीम झारखंड के विभिन्न प्रखंडों का जायजा लेगी। उसके बाद यह आकलन किया जाएगा कि राज्य सरकार के तरफ से जिन क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। वहां की स्थिति क्या है।


2022 में कम हुई बारिश
जानकारी हो कि इस वर्ष कम बारिश होने की वजह से झारखंड में सूखे की स्थिति बनी हुई है। बारिश नहीं होने के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से किसान परिवार को सहायता राशि के रूप में 3500 प्रति किसान परिवार को मुहैया कराया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 30 लाख से अधिक किसान परिवार सूखा से प्रभावित है। जिससे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने किसान परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए करीब 1200 करोड रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है।