रांची:
रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय में पेट्रोल बम से हमला मामले की जांच का दायरा बढ़ गया है। सोमवार को एटीएस की टीम आरएसएस कार्यालय पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, तकनीकी जानकारियों और गिरफ्तार आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया है। गौरतलब है कि 17 जून की रात को चुटिया थानाक्षेत्र अंतर्गत निवारणपुर में स्थित आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम से हमला किया गया था। पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
इस केस में पुलिस ने लोहरदगा के अमन और सैफ अंसारी जबकि रांची के सायम सुजान को गिरफ्तार किया है। घटना में लोहरदगा के अहमद अली की संलिप्तता भी सामने आई है।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध
आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले का कनेक्शन पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिं (TTH) से जुड़ा होने की बात सामने आई है। आरंभिक पूछताछ में पता चला है कि हमले की साजिश दुबई में रची गई थी। इस घटना के लिए शहबाज आलम उर्फ भट्टी और आवेश राजपूत उर्फ राणा जी ने अमन अंसारी को चुना था। पहले पंजाब से हथियार लाकर रांची में हमले की साजिश थी, लेकिन अमन अंसारी ने जांच एजेंसियों को बताया कि सीमा पर सघन तलाशी की वजह से उसे हथियार नहीं मिले। तब रांची के आरएसएस कार्यालय की तस्वीर दिखाकर उसपर पेट्रोल बम से हमला करने का प्लान बना।

एटीएस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया
सोमवार को एटीएस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हमले के तरीके, इस्तेमाल किए गए साधनों और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े बिंदुओं का विश्लेषण किया। आरएसएस कार्यालय पर हमले और जांच में विदेशी नेटवर्क के संकेत मिलने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। फिलहाल एटीएस, रांची पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियां से समन्वय बनाकर जांच को आगे बढ़ा रही हैं और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।