द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) के फैसले के बाद भाजपा (BJP Jharkhand) ने राज्य सरकार (Hemant Government) पर तीखा हमला बोला है। झारखंड भाजपा के प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल (Dindayal Varnawal) ने कहा कि हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को अनुचित और अन्यायपूर्ण करार देकर यह साबित कर दिया है कि हेमंत सोरेन सरकार ने बिना ठोस सबूत के हजारों निर्दोष युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया था। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने 18 अगस्त को सीआईडी जांच और पेपर लीक के आरोपों का हवाला देकर JSSC-CGL समेत 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी थी।
इससे विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत चयनित करीब 1932 अभ्यर्थी जो विभिन्न विभागों में नौकरी कर रहे थे, उनकी नौकरी पर संकट आ गया था। आज अदालत ने उस अधिसूचना को निरस्त कर दिया और चयनित अभ्यर्थियों की सेवा को बिना किसी व्यवधान के निरंतर मानने का आदेश दिया है।

दोषी अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई करे सरकार
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कोर्ट ने साफ कहा है कि अधूरी जांच के आधार पर पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। सरकार अदालत में कोई ठोस तथ्यात्मक जांच या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो कि पूरी चयन प्रक्रिया सुनियोजित गड़बड़ी से प्रभावित थी। वर्णवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं के आंदोलन और अपनी नाकामी छिपाने के लिए जल्दबाजी में यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि सरकार को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, न कि सभी चयनित अभ्यर्थियों को एक ही लाठी से हांकना चाहिए था। कोर्ट ने भी सेग्रीगेशन की बात कही है, यानी दोषी अलग होंगे और निर्दोष अलग।

उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार के लिए सबक है। भाजपा मांग करती है कि सरकार अब अभ्यर्थियों को सभी सेवा लाभ के साथ बहाल करे, और जो लोग वास्तव में पेपर लीक में दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद हो।