logo

एक ही प्रतियोगी परीक्षा और चयन प्रक्रिया से सफल हुए नगर विकास के जेई का बदल गया संवर्ग

ulb.jpg

द फॉलोअप डेस्क

झारखंड डिप्लोमा स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JDLCCE-2023 – नियमित) द्वारा नगर विकास विभाग में जेई के पद पर चयनित 250 साथ हुई कलाबाजी का अजीब नमूना सामने आया है। दिलचस्प रूप से नगर विकास विभाग के कनीय अभियंताओं की नियुक्ति झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित उपरोक्त परीक्षा के माध्यम से की गयी है। जेएसएससी ने विभिन्न विभागों द्वारा भेजी गयी अधियाचना को एक साथ अमलगेट करते हुए विज्ञापन संख्या 6/2021 निकाला था। उसमें नगर विकास विभागग के लिए 250 कनीय अभियंताओं, पेयजल विभाग के लिए 171, जल संसाधन विभाग के लिए 440, पथ निर्माण विभाग के लिए 392 और कृषि विभाग के लिए 11 कनीय अभियंताओं के पद दर्शाए गए थे। इस विज्ञापन में कनीय अभियंताओं के संवर्ग को अवर अभियंत्रण सेवा रेखांकित किया गया। हालांकि कतिपय कारणों से 6/2021 विज्ञापन को रद्द कर दिया गया। बाद में फिर झारखंड डिप्लोमा स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JDLCCE-2023 – नियमित) आयोजित की गयी। इस प्रतियोगिता परीक्षा का आधार 6/2021 का विज्ञापन बनाया गया। छात्रों को यह रिलीफ भी दी गयी कि जिन्होंने 6/2021 के विज्ञापन के बाद परीक्षा फॉर्म भरा था, उन्हें फिर से परीक्षा शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

इसके बाद जेएसएससी द्वारा प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षाफल का प्रकाशन हुआ और मार्च 2024 में एक साथ पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, पेयजल स्वच्छता विभाग, कृषि विभाग के साथ साथ नगर विकास एवं आवास विभाग के लिए कनीय अभियंता के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंप दिया गया। लेकिन दिलचस्प रूप से नगर विकास विभाग के कनीय अभियंता के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र में झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग अंतर्गत कनीय अभियंता कर दिया गया। अर्थात नगर विकास विभाग के कनीय अभियंताओं के संवर्ग अवर अभियंता संवर्ग के बदले नगरपालिका सेवा संवर्ग कर दिया गया। नगरपालिका संवर्ग होने से चयनित कनीय अभियंताओं की सेवा राज्य के विभिन्न नगर निकायों में सौंप दी गयी।

अब नगर विकास विभाग के लिए चयनित कनीय अभियंताओं को अपनी सेवा विभिन्न नगर निकायों में ही देनी होगी, यह स्वाभाविक और नियम संगत भी है। लेकिन भेदभाव का उदाहरण यह है कि नगरपालिका सेवा के इन कनीय अभियंताओं की सेवा शर्तें पथ निर्माण, जल संसाधन, पेयजल स्वच्छता विभाग के लिए चयनित कनीय अभियंताओं से अलग है। दूसरे विभागों के कनीय अभियंताओं को जहां अवर अभियंत्रण सेवा संवर्ग के अभियंताओं के लिए निर्धारित वेतन, भत्ते एवं अन्य सुविधाएं मिल रही है, नगरपालिका सेवा संवर्ग के कनीय अभियंताओं उससे वंचित हैं। अनियमित वेतन, जीपीएफ/ओपीएस/पेंशन का अभाव, वेतन पर्ची न मिलना, बैंक ऋण से वंचित होना और सेवा सुरक्षा का अभाव जैसी समस्याओं का ये सामना करना कर रहे हैं। जबकि इसी परीक्षा के माध्यम से अन्य विभागों में चयनित इंजीनियरों को सभी सरकारी लाभ प्राप्त हो रहे हैं।

Tags - Jharkhand Junior Engineer JSSC ULB Salary Allowances Discrepancy