द फॉलोअप डेस्क
रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 27 का मामला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। यह वार्ड के चर्चित पूर्व पार्षद ओम प्रकाश से जुड़ा है। इस बार वार्ड संख्या 27 ओबीसी-टू महिला के लिए रिजर्व किया गया है। इस कारण ओम प्रकाश खुद चुनाव नहीं लड़ कर अपनी पत्नी महिमा देवी का नामांकन कराया है। लेकिन महिला के जाति प्रमाण पत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर स्क्रूटनी के दिन पांच फरवरी को वार्ड 27 के निर्वाची पदाधिकारी ने महिमा कुमारी के जाति प्रमाण पत्र को सही मानते हुए नामांकन वैद्य करार दिया, दूसरी ओर जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले इटकी सीओ ने महिमा देवी के जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया है। अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा।

क्या है पूरा मामला
रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 27 से महिमा कुमारी ने इस बार पार्षद पद पर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन किया है। वह इसी वार्ड के पूर्व पार्षद ओम प्रकाश की पत्नी हैं। इस बार यह वार्ड ओबीसी-टू के लिए रिजर्व होने के कारण ओम प्रकाश ने अपनी को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है। अपने नामांकन के साथ महिमा देव ने इटकी सीओ द्वारा 24 जनवरी 2026 को जारी ओबीसी टू का जाति प्रमाण पत्र(JHCBC/2026/50260) संलग्न किया था। 5 फरवरी को स्क्रूटनी के दौरान सुखदेवनगर निवासी विनोद कुमार शर्मा ने महिमा कुमारी के जाति प्रमाण पर सवाल उठाया। उसे फर्जी बताया। लेकिन स्क्रूटनी के दौरान निर्वाची पदाधिकारी ने जाति प्रमाण पत्र दर्ज क्यूआर कोड को स्कैन कर जब सत्यता की जांच की तो सही पाया। उसी आधार पर निर्वाची पदाधिकारी ने जाति प्रमाण को सही मानते हुए नामांकन पत्र को सही करार दिया। नामांकन स्वीकृत कर लिया गया।
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लेकिन मामला तब जाकर बुरी तरह फंस गया जब ग्राम पंचायत ईटकी पूर्वी प्रखंड ईटकी के वार्ड चार की सदस्य बब्ली देवी ने 4 फरवरी को लिखित रूप में सीओ से शिकायत की कि उन्होंने महिमा देवी का जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए कोई अनुशंसा नहीं की थी। महिमा देवी द्वारा प्रस्तुत वंशावली में उनका हस्ताक्षर नहीं है। ना ही वह महिमा देवी को जानती है और ना कभी उनके पास वह आयी है। मुहर और उनका हस्ताक्षर भी फर्जी है। इसके बाद इटकी सीओ ने पांच फरवरी की शाम महिमा देवी का जाति प्रमाण पत्र (JHCBC/2026/50260) रद्द कर दिया। जाति प्रमाण पत्र को रद्द किए जाने संबंधी आदेश भी जारी कर दिया। विनोद कुमार शर्मा का आरोप है कि जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए जिस वोटर आई कार्ड और खतियान का उपयोग किया गया है, वह भी फर्जी है।
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