द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित परसातरी जंगल में बीते रात उत्पाद विभाग ने अवैध शराब कारोबार के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी खेप पकड़ने में सफलता तो पाई. लेकिन लौटते वक्त आरोपियों ने नाटकीय तरीके से जब्त वाहन और तीन अभियुक्तों को छुडाया और फरार हो गए। बता दें कि झारखंड–बिहार बॉर्डर पर अवैध शराब कारोबार के बड़े नेटवर्क पर उत्पाद विभाग की कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है.
जानकारी मुताबिक, परसातरी जंगल में बिहार भेजे जाने वाली अवैध विदेशी रम की सप्लाई तैयार की जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उत्पाद विभाग की टीम ने देर रात लगभग 11 बजे छापेमारी की। इस दौरान मारुति सुजुकी इको कार, एक टेंपो और बड़ी मात्रा में विदेशी रम बरामद की गई। मौके से सात आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। बरामदगी के बाद पूरी टीम जब जब्त वाहन और गिरफ्तार आरोपियों को लेकर हजारीबाग लौट रही थी, तभी चौपारण के घने जंगल में अचानक घटनाक्रम बदल गया।
रात के अंधेरे और सुनसान इलाके का फायदा उठाकर अवैध शराब कारोबारियों ने उत्पाद विभाग की गाड़ियों को रोक लिया। भीड़ जैसी स्थिति बनाकर उन्होंने जब्त टेंपो और तीन आरोपियों को छुड़ाने में सफलता पाई और उन्हें लेकर मौके से फरार हो गए। जबकि टीम बाकी गिरफ्तार आरोपियों और बरामद वाहन को सुरक्षित लेकर जिला मुख्यालय पहुंची। उन्होंने कहा “रात में अंधेरा और भीड़ का फायदा उठाते हुए तीन आरोपियों और टेंपो को छुड़ाकर लोग भाग गए। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अनुसंधान जारी है और दोषियों की तलाश की जा रही है।”
अवैध शराब के इस बड़े गिरोह और उनके नेटवर्क का खुलासा तो हुआ, लेकिन भागे हुए आरोपियों के फरार होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग मामले की गहन जांच में जुटा है और जल्द गिरफ्तारी के दावे कर रहा है। देखना होगा कि चौपारण जंगल में इस नाटकीय फरारी के बाद विभाग कब तक आरोपी और जब्त टेंपो को बरामद करता है। फिलहाल, यह मामला हजारीबाग उत्पाद विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
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