द फॉलोअप डेस्क
रांची डीसी के पद पर पदस्थापित मंजूनाथ भजंत्री की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट में चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया, जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार करते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस पंकज मित्तल की बेंच में भजंत्री की याचिका पर सुनवाई चल रही है। मंजूनाथ भजंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) दाखिल कर झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें चुनावी कार्यों से दूर रखने का आदेश दिया गया था।
पिछले वर्ष 22 सितंबर को झारखंड हाईकोर्ट ने IAS अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और उन्हें चुनावी कार्यों से अलग रखने के आदेश के खिलाफ दायर अपील याचिका स्वीकार कर ली थी। इसके बाद उन्हें चुनावी कार्यों से दूर रखा गया था और आचार संहिता के दौरान उन्हें रांची डीसी के पद से हटा कर वरुण रंजन को रांची डीसी नियुक्त किया गया था। हालांकि, हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सरकार ने वापस मंजूनाथ भजंत्री को रांची डीसी नियुक्त कर दिया है।