द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के विभिन्न जिलों से लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की जर्जर स्थिति को उजागर करती हैं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं पर भी गंभीर प्रश्न चिन्ह लगाती हैं। यह आरोप झारखंड प्रदेश भाजपा की नेत्री राफिया नाज़ ने लगाया है।उन्होंने कहा कि “ रिम्स पार्ट-2 की बात करने वाली सरकार ग़रीबों को एम्बुलेंस तक देने में असमर्थ है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ‘सभी को स्वास्थ्य’ सुविधा उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हालात इतने भयावह हैं कि गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति समय पर अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहा। यह एक साधारण प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।

राफिया नाज़ ने “गोड्डा जिले में एक मासूम बच्ची की मृत्यु की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी मानवता को झकझोर देने वाली त्रासदी है। “केवल एंबुलेंस समय पर न पहुंच पाने के कारण एक मासूम की जान चली गई, जबकि परिजनों ने बार-बार सहायता के लिए कॉल करते रह गए। इसी तरह की एक और घटना चतरा जिले में घटी, जहाँ सुकुल भुइयां की मौत भी एंबुलेंस की देरी के कारण हुई। इन घटनाओं ने यह साफ़ कर दिया है कि झारखंड में एंबुलेंस सेवा लगभग निष्क्रिय हो चुकी है।
