द फॉलोअप डेस्कः
अबुआ आवास देना झारखंड सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके लिए भारी संख्या में आवेदन भी आ रहे हैं। ऐसे में कई जगहों पर अनियमितता भी दिख रही है। ताजा मामला आया है चान्हो प्रखंड के सोंस पंचायत से। दरअसल यहां पंचायत भवन में चिपकाई गई संभावित अबुआ आवास के लाभुकों की सूची सामने आई है। जिसमें बड़ी अनियमितता बरती गई है। सूची में पंचायत के लगभग जनप्रतिनिधी, राशन डीलर, सेविका यहां तक कि पारा शिक्षक का भी नाम है। जबकि सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश है कि जनप्रतिनिधि इसका लाभ नहीं ले सकते। लाभार्थियों के चयन के लिए प्रखंड ने एक कमेटी बनाई थी। इसमें पंचायत के मुखिया तथा प्रखंड के एक कर्मी भी शामिल थे। इस मामले में पंचायत की मुखिया विमला उरांव ने बताया कि मैं किसका नाम रखूं या किसका काटूं। किसी का नाम हटाने पर वह गुस्सा हो जाते हैं।

इटकी प्रखंड में मिलेगा 388 अबुआ आवास
इटकी प्रखंड के लाभुकों के लिए सरकार ने 388 अबुआ आवास आवंटित किया है। 20 जनवरी को लाभुकों की सूची जारी की जाएगी। बीडीओ गौतम प्रसाद साहू ने बताया कि सरकार ने इटकी प्रखंड को वित्तीय वर्ष 2023-24 के तहत प्रत्येक पंचायत में 43-43 अबुआ आवास बनाने का लक्ष्य है। इसमें अनुसूचित जनजाति 194, पिछड़ा जाति 136, अल्पसंख्यक 39 और सामान्य जातियों के 19 लाभुकों को अबुआ आवास आवंटित किया जाएगा।

1936 अयोग्य घोषित किए गये
पिछले माह 20 दिसंबर से अबुआ आवास लाभुकों का सत्यापन कार्य शुरू किया गया था, जहां 6383 लाभुकों ने अबुआ आवास के लिए आवेदन दिया था। सत्यापन में 4332 लाभुक अबुआ आवास के लिए योग्य पाए गए, जबकि 1936 अयोग्य घोषित किए गए। सत्यापन में त्रुटियों का निराकरण नौ से 18 जनवरी तक किया जाएगा। प्रखंड के 31 गांवों में ग्राम सभा कर लाभुकों का चयन किया जा चुका है। 20 जनवरी को लाभुकों की स्थाई सूची प्रकाशित की जाएगी।