द फॉलोअप डेस्क
राज्य में पिछले कुछ समय से विभिन्न क्षेत्रों में बच्चा चोरी की बढ़ती अफवाहों और उनके कारण होने वाली हिंसक घटनाओं को देखते हुए जामताड़ा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार को जिले के उपायुक्त रवि आनंद और पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने संयुक्त रूप से समाहरणालय परिसर से एक 'जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों को अफवाहों के प्रति सचेत करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

उपायुक्त रवि आनंद ने इस अवसर पर कहा कि मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि बच्चा चोर की गलतफहमी में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्दोष व्यक्तियों के साथ मारपीट की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जामताड़ा जिला प्रशासन ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। डीसी ने जनता से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध सूचना पर स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तुरंत स्थानीय थाना या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने कहा कि अधिकांश मामलों में बच्चा चोरी की खबरें महज एक अफवाह साबित होती हैं। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ मारपीट करना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

ग्रामीण क्षेत्रों के मुखिया और वार्ड पार्षद अपने पास संबंधित थाना प्रभारी का नंबर अनिवार्य रूप से रखें। किसी भी आपात स्थिति या अफवाह की जानकारी मिलने पर तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें। जागरूकता रथ जिले के हर कोने में भ्रमण कर लाउडस्पीकर और पंपलेट्स के माध्यम से लोगों को शिक्षित करेगा कि वे किसी अनजान व्यक्ति पर शक होने पर उसे पुलिस के हवाले करें, न कि खुद भीड़ का हिस्सा बनकर कानून तोड़ें।