logo

झारखंड  : शराब की बिक्री से भरेगा झारखंड का सरकारी खजाना, सरकार ने तय किया लक्ष्य

liqor.jpg

डेस्क:

राज्य में शराब की बिक्री (sale of liquor) से सरकार की आमदनी लक्ष्य के मुकाबले काफी कम है। इस कमी को पूरा करने के लिए उत्पाद विभाग ने राज्य से प्रतिदिन औसतन 24.58 करोड रुपए की शराब बिक्री किया है। विभाग ने शराब से मिलने वाले सितंबर तक के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलावार बिक्री का लक्ष्य तय किया है जिसमें प्रतिदिन शराब की बिक्री के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


रांची में प्रतिदिन 3.61 करोड़ रूपए की बेचनी होगी शराब 
जिलावार बिक्री के तय लक्ष्य अनुसार शराब में राजस्व निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए रांची में प्रतिदिन 3.61 करोड़ रुपये की शराब बेचनी होगी। दूसरे नंबर पर धनबाद तीसरे नंबर पर जमशेदपुर है। लक्ष्य पूरा करने के लिए धनबाद को प्रतिदिन 3.50 करोड़ और जमशेदपुर को 2.93 करोड़ रुपये की शराब बेचनी होगी। बता दें कि राज्य में नई उत्पाद नीति मई 2022 से लागू की गई थी। मई सितंबर 2022 के लिए राज्य सरकार ने शराब बिक्री से अगस्त तक 743.66 करोड़ रुपए राजस्व वसूली का लक्ष्य किया था। इसके मुकाबले अब तक केवल 1006.11 करोड़ रुपये ही मिल पाए हैं यानी निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले राज्य सरकार को 737.54 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।


11 जिलों में किया गया शो-कॉज 
बता दें कि चालू वित्तीय वर्ष में शराब बिक्री के निर्धारित लक्ष्य कम बिक्री के लिए 11 जिलों में शो-कॉज किया गया है। उत्पाद आयुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने रामगढ़, धनबाद के सहायक उत्पाद आयुक्त व लोहरदगा, सिमडेगा, गढ़वा, पलामू, जामताड़ा, पाकुड़, गिरिडीह, सरायकेला, खरसावां और पश्चिम सिंहभूम के अधीक्षक उत्पाद को स्पष्टीकरण किया है। उसने कहा गया है कि इस जिलों के लक्ष्य से 34% कम शराब की बिक्री हुई है। आयुक्त द्वारा बिक्री के आंकड़ों की समीक्षा करने पर पाया गया कि अगर 2020 में निर्धारित राजस्व की प्राप्ति के लिए पूरे राज्य में 393.32 करोड रुपए की बिक्री आवश्यक थी। जबकि केवल 291.14 करोड रुपए की शराबी सी गई है यार आज और तन से भी कम यानी केवल 64.02% है।