द फॉलोअप डेस्क
गुमला के सिसई प्रखंड क्षेत्र के थाना रोड स्थित शहीद लोहरा उरांव की प्रतिमा के पास उनकी पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. दिनेश उरांव, क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, सेवानिवृत्त सैनिक और सैन्य पदाधिकारी, शहीद लोहरा उरांव के परिवार के लोग तथा अन्य क्षेत्रीय निवासी उपस्थित थे। सभी ने शहीद लोहरा उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बताया गया कि लोहरा उरांव 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए थे। उनकी वीरता को देखते हुए थाना रोड में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है। लोहरा उरांव, जो बरगांव के रहने वाले थे, भारतीय थल सेवा में सिपाही के पद पर थे और पाकिस्तान से लड़ते हुए शहीद हुए। उनकी पत्नी बंधाईन देवी और पुत्र मंगलनाथ उरांव को सरकार की ओर से पांच एकड़ जमीन और पटना में एक घर दिया गया था।
झारखंड के पूर्व स्पीकर डॉ. दिनेश उरांव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी वीरता को याद किया और कहा कि शहीदों का हमेशा सम्मान होना चाहिए। उनकी पत्नी बंधाईन देवी ने बताया कि उन्हें सरकार की ओर से केवल पटना में एक घर और गांव में पांच एकड़ जमीन ही मिली थी, और इसके अलावा किसी अन्य मदद की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा दी गई जमीन पर अवैध तरीके से कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। उनके पुत्र मंगलनाथ उरांव ने बताया कि पिता के शहीद होने के समय वे काफी छोटे थे, इसलिए उन्हें मिली सुविधाओं की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन वर्तमान में उन्हें मिली जमीन पर अवैध कब्जे की समस्या बनी हुई है।
भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अरविंद कुजूर ने कहा कि शहीदों के परिवारों को उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा का परिसर ठीक से नहीं संभाला जाता और घास-फूस उगने पर परिवार वाले ही सफाई करते हैं। किसी भी टूट-फूट की मरम्मत भी परिवार द्वारा ही की जाती है। परिसर के गेट टूटे हुए हैं और आसपास कचरा जमा हो जाता है, जिस पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शहीद के परिवार और प्रतिमा के उचित रख-रखाव के लिए कदम उठाने का आग्रह किया।
