रांची
शहीद रघुनाथ महतो स्मृति न्यास, रांची की ओर से चुआड़ विद्रोह (1767-1778 ई.) के महानायक क्रांतिवीर रघुनाथ महतो की 287वीं शहादत दिवस पर लोवाडीह स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि रघुनाथ महतो जैसे वीर सपूतों को उचित सम्मान देना और नई पीढ़ी को उनके पदचिह्नों पर चलने के लिए प्रेरित करना आज की आवश्यकता है।
रघुनाथ महतो ने अंग्रेजों के अत्याचार और महाजनों के शोषण के विरुद्ध किसानों का नेतृत्व करते हुए विद्रोह का बिगुल फूंका था। उनका जन्म 21 मार्च 1738 को नीमडीह थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर (घुटियाडीह गांव) में हुआ था, और 5 अप्रैल 1778 को सिल्ली के किता-लोटा गांव में अंग्रेजों की गोली से शहीद हुए।
शहीद रघुनाथ महतो स्मृति न्यास समिति ने झारखंड सरकार से मांग की कि उनकी गौरवगाथा को इतिहास में उचित स्थान मिले और राजभवन स्थित मूर्ति गार्डन में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाए। कार्यक्रम से पूर्व राज्यपाल का स्वागत नटुवा नाच के साथ कुरमाली भाषा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजाराम महतो और पूर्व उप मंत्री केशव महतो कमलेश ने किया। संचालन सत्यनारायण महतो ने किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो, रामटहल चौधरी, विधायक राजेश कच्छप, पूर्व विधायक लंबोदर महतो, धनेश्वर महतो, महिपाल महतो, शीतल ओहदार, शशिभूषण महतो, भुवनेश्वर महतो, ब्रजेश महतो, जितेंद्र महतो सहित चुआड़ सेना के सैकड़ों लोग उपस्थित थे।