द फॉलोअप डेस्क
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल से निकले 41 मजदूरों के साथ बात की। मजदूरों से उनकी ये बात फोन पर हुई है। इस दौरान पीएम काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि आप सबके सकुशल सुरंग से बाहर आने की खबर से मैं कितना खुश हूं, इसे शब्दों में नहीं बयान कर सकता। पीएम मोदी ने इसके साथ ही बचाव दल में लगे इंजीनियरों और कर्मचारियों को सलाम किया। टनल से बच निकलने वाले मजदूरों के साहस को सलाम किया। उनको और उनके परिजनों को बधाई दी। बता दें कि कल रात मजदूरों के सुरंग से बाहर आने की खबर सुनकर पीएम मोदी ने एक ट्वीट कर सभी को इस कामयाबी के लिए बधाई दी। कहा कि 17 दिनों तक दुनिया से कटकर जिंदा निकल आना कोई मामूली बात नहीं है। आपलोगों ने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया है, उसे मैं नमन करता हूं।

मजदूरों ने पीएम मोदी के बताई ये बात
टनल से बाहर आये मजदूरों ने फोन पर पीएम मोदी से कहा कि टनल अंदर लगभग ढाई किलोमीटर का एरिया था। यहीं वे सुबह में वॉक करते थे और योगा के अभ्यास में समय बिताते थे। टनल के अंदर सभी मजदूर और कर्मचारी एक दूसरे की मदद करते थे और साथ ही खाना खाते थे। इस सामूहिकता से उनको ताकत मिलती रही। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि वे लगातार उनकी खबर लेते रहे हैं। रेस्क्यू दल के अलावा पीएमओ के अधिकारियों का एक दल उनके आदेश पर तैनात था। पीएम मोदी ने मजदूरों को बताया कि उनकी सलामती के लिए वे लगातार रेस्क्यू दल के अधिकारी और उत्तराखंड के सीएम के संपर्क में रहे।

ऐसे हुआ हादसा
गौरतलब है कि 12 नवंबर को जब पूरा देश दिवाली मना रहा था। अपने घरों को दीये से रोशन कर रहा था। मिठाइयां खा रहा था। आतिशबाजी कर रहा था तभी उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा-डंडालगांव टनल का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। जब पूरा देश दिवाली के दीयों से रोशन था तभी सुरंग में काम कर रहे 41 मजदूर 70 मीटर इलाके में गिरे मलबे की मोटी अंधेरी दीवार के पीछे फंस गए। जब पूरा देश जश्न में डूबा था तभी झारखंड के 15 सहित देशभर के 41 मजदूरों के परिवार पर जैसे गाज गिर गई थी। खबर मिली और लोग सन्न रह गए। इसमें झारखंड के 15 मजदूर शामिल थे।
