रांचीः
झारखंड शराब नीति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि सरकार से पूछा है कि आप इस नीति को कब वापस ले रहे हैं अब तो दिल्ली सरकार ने भी वापस ले लिया है।

30 करोड़ किसके जेब में जाएगा
पहले ट्वीट में उन्होंने कहा "शराब के गोरखधंधे में छत्तीसगढ़ के जिन चार कंपनियों को काम देना तय था वह मैंने टेंडर से पहले ही बता दिया था। शराब दुकानों में नौकरी के नाम बेरोज़गारों से मोटे रक़म की वसूली, प्रिंट प्राईस से ज़्यादा क़ीमत पर बिक्री के बाद अब एक्स डिस्टीलरी प्राईस में 500 रूपये प्रति पेटी तक" आगे उन्होंने लिखा (चालीस परसेंट)दाम बढ़ा कर महीने में 30 करोड़ रूपये उगाही की तैयारी हो रही है। बताया जा रहा है कि इसी योजना को “सफल” बनाने के लिये पूराने उत्पाद आयुक्त को बदल दिया गया है। ये 30 करोड़ किनके जेब में जायेगा? यह गंभीर सवाल है।
शराब के गोरखधंधे में छत्तीसगढ़ के जिन चार कंपनियों को काम देना तय था वह मैंने टेंडर से पहले ही बता दिया था।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 30, 2022
शराब दुकानों में नौकरी के नाम बेरोज़गारों से मोटे रक़म की वसूली, प्रिंट प्राईस से ज़्यादा क़ीमत पर बिक्री के बाद अब एक्स डिस्टीलरी प्राईस में 500 रूपये प्रति पेटी तक १/२

दूसरे ट्वीट में क्या कहा
दिल्ली सरकार ने तो #CBI जाँच के आदेश के बाद अपनी शराब नीति वापस ले ली। मुख्यमंत्री @HemantSorenJMMजी, आप अपनी छत्तीसगढ़ से लायी गयी लूट वाली विनाशकारी शराब नीति कब वापस ले रहे? या आपको भी किसी ख़ास दिन का इंतज़ार है?
दिल्ली सरकार ने तो #CBI जाँच के आदेश के बाद अपनी शराब नीति वापस ले ली।
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 30, 2022
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, आप अपनी छत्तीसगढ़ से लायी गयी लूट वाली विनाशकारी शराब नीति कब वापस ले रहे? या आपको भी किसी ख़ास दिन का इंतज़ार है? pic.twitter.com/b3ksuC3Kie