नंदलाल तुरी, पाकुड़
सदर प्रखंड के गंधाईपुर पंचायत स्थित गोपीनाथपुर गांव में मसना नदी पर बनने वाले उच्चस्तरीय पुल का काम एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत स्वीकृत इस पुल का शिलान्यास 9 अक्टूबर 2024 को किया गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई है। जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने इस संबंध में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जांच व कार्रवाई की मांग की है।

पिंकी मंडल ने बताया कि वर्ष 2019 से ग्रामीण इस पुल की मांग कर रहे हैं। योजना स्वीकृत होने के बावजूद कार्य शुरू न होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिलान्यास कार्यक्रम की जानकारी उन्हें, बतौर जिला परिषद सदस्य, नहीं दी गई थी। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से परे है और अनियमितता की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने कहा कि पक्का पुल नहीं होने के कारण लोगों को नदी पार करने के लिए करीब एक घंटे का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। बरसात में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जिससे बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से दोनों ओर के सैकड़ों लोगों के लिए आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। पिंकी मंडल ने डीसी से आग्रह किया है कि निर्माण में हो रही देरी की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और कार्य को शीघ्र शुरू कराया जाए।
