द फॉलोअप डेस्क:
उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को लेकर जल्द ही अच्छी खबर मिल सकती है। बताया जा रहा है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत श्रमिकों तक पहुंचने के लिए खुदाई का काम अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने कहा कि देर शाम तक राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया जाएगा। रेस्क्यू टनल साइट पर ऑपरेशन को लीड कर रहे भास्कर ने बताया कि अब तक अब केवल 12 मीटर की ड्रिलिंग बची है। 49 मीटर ड्रिलिंग हो चुकी है। टनल में 9वां पाइप ड्रिल किया जा रहा है। उनका मानना है कि 19वां पाइप डालते ही रेस्क्यू टीम फंसे हुए मजदूरों तक पहुंच सकती है। सिलक्यारा टनल में श्रमिक पिछले 12 नवंबर से फंसे हैं।

रात साढ़े 11 बजे शुरू की जाएगी ड्रिलिंग
रेस्क्यू ऑपरेशन लीड कर रहे भास्कर खुल्बे ने बताया कि आज रात को साढ़े 11 बजे ड्रिलिंग शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्राउंड पेनेट्रेशन रडार की स्टडी से पता चलता है कि सुरंग के अंदर आगे 5 मीटर तक अवरोध नहीं है। 52 मीटर भीतर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को अमेरिकन मशीन ऑगर का प्लेटफॉर्म ढह गया था। हालांकि, बचाव टीम ने प्लेटफॉर्म को नया रूप देकर काम लायक बना दिया है। गुरुवार रात को उत्तरकाशी टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बीच में स्टील पाइप आ गई थी। तब ड्रिलिंग का काम रोकना पड़ा था।

केंद्रीय मंत्री वीके सिंह भी रेस्क्यू साइट पहुंचे
केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह भी सिलक्यारा टनल में रेस्क्यू साइट पर मौजूद हैं। बता दें कि 41 मजदूर बीते 13 दिनों से टनल में पंसे हैं। इनमें झारखंड के भी 15 मजदूर शामिल हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब निर्माणाधीन टनल का एक हिस्सा ढह गया और मजदूर दूसरी तरफ फंस गए।

मजदूरों तक पहुंचाया जा रहा है गरम खाना
गौरतलब है कि मजदूरों से पहले वायरलेस सेट के जरिए बातचीत की जा रही थी लेकिन, बाद में उनसे वीडियो कॉल के जरिए भी बातचीत की गई। वीडियो कॉल में मजदूरों को सकुशल देख परिजनों को थोड़ी राहत मिली। पहले मजदूरों को चना, गुड़ और चूड़ा जैसा सूखा राशन दिया जा रहा था लेकिन बाद में उन्हें खिचड़ी और रोटी, सब्जी और चावल जैसा गर्म खाना भी परोसा गया।