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उपराष्ट्रपति ने देश-विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने वालों की तुलना कोरोना वायरस से की

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द फॉलोअप डेस्क:

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देश-विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने वाले लोगों की तुलना कोविड वायरस से की है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे लोगों का सफाया जरूरी है। उपराष्ट्रपति कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा आयोजित वसुधैव कुटुम्बकम श्रीमद्भगवद्गीता और वैश्विक एकता अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन समारोह में अपना संबोधन दे रहे थे। जगदीप धनखड़ ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से या समझ की कमी के कारण कुछ लोगों को एंटी नेशनल बातें फैलाने में मजा आता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश विरोधी तत्वों को बढ़ावा देने वाले लोग दरअसल कोरोना वायरस जैसे हैं जिनका सफाया होना चाहिए। 

 

विश्व शक्ति बनने की राह पर है भारत
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारा भारत विभिन्न क्षेत्र में तेजी से प्रगति की राह पर है। हम विश्व शक्ति हैं और शांति के लिए खड़े हैं। हम वैश्विक स्थिरता के लिए खड़े हैं। हम भारत को वर्ष 2047 तक शिखर पर ले जाना चाहते हैं। तब हम अपनी आजादी का शताब्दी समारोह मना रहे होंगे। 

पहले भी विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं
गौरतलब है कि पहले बंगाल के उपराज्यपाल रहे जगदीप धनख़ड़ को इसी वर्ष उपराष्ट्रपति बनाया गया। पश्चिम बंगाल के रा्जयपाल रहते मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनका विवाद काफी सुर्खियों में रहा था। खूब बयानबाजी भी होती थी। इससे पहले एक संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा था कि महात्मा गांधी पिछली सदी के महापुरुष थे वहीं नरेंद्र मोदी इस सदी के युगपुरुष हैं।