द फॉलोअप डेस्क
कानपुर से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 3 बच्चों ने भूसी के ढ़ेर में सोए 4 नाबालिग पिल्ले को जिंदा जला दिया। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों बच्चे घबराकर वहां से भागने लगे लेकिन तबतक पिल्लों की चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग वहां पहुंच गए। उनलोगों ने एक बच्चे को पकड़ लिया। बच्चों की उम्र 8 साल बताई गई है। घटना से स्थानीय लोग काफी आक्रोशित है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करवाया। वहीं जिस बच्चे को लोगों ने पकड़ा है उसे पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद जानवरों के लिए काम करने वाली संस्था उम्मीद एक किरण ने पुलिस में तहरीर दी है।

ठंड से बचाने के लिए लोगों ने पिल्ले के लिए बनाया था घर
मामला कानपुर के किदवई नगर थाना क्षेत्र स्थित गीता पार्क का है। जहां एक फीमेल डॉग ने चार पिल्ले को जन्म दिया। स्थानीय लोगों ने ठंड से बचाने के लिए घास और बोरे की मदद से घर बना दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों ने जानबूझकर उन्हें जलाया, इसके बाद जब पिल्ले चिल्लाने लगे तो वो घबरा गए, वहां से भागने लगे। 1 बच्चे को लोगों ने पकड़ा लिया। इस मामले में बाबू पुरवा इलाके के एसीपी अमरनाथ यादव कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी. जिस बच्चे को लोगों को पकड़ा था वो माइनर था इसलिए उसे छोड़ दिया गया।

पशु क्रूरता अधिनियम के तहत बनेगा केस
वहीं, कानपुर के वरिष्ठ एडवोकेट शिवाकांत दीक्षित का कहना है यह मामला पशु क्रूरता अधिनियम के तहत 428 और 429 की धारा का बनता है। जिसमें से धारा 428 में 2 साल की सजा का प्रावधान है। धारा 429 में 5 साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में आरोपी की थाने से ही जमानत मिल जाती है। लेकिन बच्चे माइनर हैं इसलिए बच्चों को ऐसे अरेस्ट नहीं किया जा सकता है। मामले में अभी जांच की जा रही है।