द फॉलोअप डेस्कः
उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूर जल्द बाहर आ सकते हैं। टनल के अंदर चल रही मैनुअल ड्रिलिंग से पाइप को अंदर धकेला गया है जो मलबे के आरपार हो गया है। पाइप के जरिए श्रमिक नजर आ रहे हैं। ऐसे में आज शाम तक मजदूरों को बाहर निकाला जा सकता है। पूरी तैयारी कर ली गई है। अगर जरूरत पड़ी तो डॉक्टरों को टनल के अंदर भेजा जा सकता है। टनल के बाहर एंबुलेंस खड़ी है। मजदूरों को बाहर निकालने से पहले तक बार- बार पाइप को चेक किया जाएगा। मजदूरों को उनके परिवारों को अलर्ट कर दिया गया है ।

किसी विकल्प को छोड़ा नहीं गया
नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के एमडी महमूद अहमद ने बताया कि एसजेवीएनएल द्वारा की जा रही वर्टिकल ड्रिलिंग में 86 मीटर में से 44 मीटर तक ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है। टीएचडीसी से आज 7वां ब्लास्ट किया गया, जिससे 1.5 मीटर का और फायदा हुआ है। किसी भी विकल्प को रोका नहीं गया है. हॉरिजॉन्टल मैन्युअल ड्रिलिंग का काम 55 मीटर तक हो चुका है। इसके बाद डी-मर्किंग की जाएगी और फिर पाइप को पुश किया जाएगा। शायद 5-6 मीटर और स्पेस की जरूरत होगी। देर शाम तक अच्छी खबर आ सकती है। रेस्क्यू कार्य में अब सीमेंट का कंक्रीट मिल रहा है जिसे कटर से काटा जा रहा है।

शाम 5 बजे तक मिल सकती है खुशखबरी
माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर का कहना है कि अभी भी ड्रिलिंग चल रही है। फिलहाल मैन्युअल ड्रिलिंग पर फोकस किया जा रहा है। जिसमें केवल 2-3 मीटर बचे हैं। शाम 5 बजे तक कुछ परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में आई तेजी से सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों के रेस्क्यू की उम्मीदें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने सड़कों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है ताकि मजदूरों को बाहर निकालने के बाद इन्हीं सड़कों से सीधे अस्पताल ले जाया जा सकें। श्रमिकों की सलामती के लिए सीएम, अधिकारी, नेता, मंत्री और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे एक्सपर्ट्स भी प्रार्थना करने में जुटे हैं।
