द फॉलोअप डेस्क:
उत्तरकाशी टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ऑस्ट्रेलिया के टनल विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने बड़ा बयान दिया है। अर्नोल्ड ने कहा कि जब मुझे रेस्क्यू ऑपरेशन में सहायता के लिए बुलाया गया तो यहां आने से पहले मैं जानता था कि यह क्षेत्र हिंदू लोगों के लिए बहुत पवित्र क्षेत्र है। मुझे यह भी पता था कि इस सुरंग के निर्माण का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को पवित्र मंदिरों तक ले जाने की सुविधा देना है। यह, इस मिशन की एक अहम बात थी। अर्नोल्ड डिक्स ने कहा कि जहां तक बात हिमालय पर्वत की है, इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता।
#WATCH | Delhi: Professor Arnold Dix, an international tunnelling expert who provided important technical support on the ground in the Uttarakhand tunnel rescue operation, says, "...Before I arrived here, I knew this region was a very sacred area for Hindu people... Also, I knew… pic.twitter.com/2VxmsZDS0y
— ANI (@ANI) December 4, 2023
ऑस्ट्रेलिया के अर्नोल्ड डिक्स का बड़ा योगदान
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा-डंडालगांव टनल हादसे के बाद मजदूरों को बाहर निकालने के लिए संचालित रेस्क्यू ऑपरेशन में ऑस्ट्रेलिया के अर्नोल्ड डिक्स का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपने दशकों के अनुभव का पूरा इस्तेमाल इस रेस्क्यू ऑपरेशन में किया और मजदूरों को बाहर निकाला। इस बीच उनकी सुरंग के बाहर मौजूद मंदिर में पूजा करते हुए तस्वीर भी वायरल हुई थी। वहीं, उन्होंने बाबा बौखनाग का भी दर्शन किया।

टनल और भूविज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं डिक्स
बता दें कि अर्नोल्ड डिक्स जिनोवा स्थित अंतर्राष्ट्रीय टनलिंग और अंडरग्राउंड स्पेश एसोसिएशन के प्रमुख हैं। डिक्स, मशहूर भूविज्ञानी, इंजीनियर और वकील भी हैं। उन्हें सुरंग बनाने में भी महारत हासिल है।
12 नवंबर को ढह गया था सिलक्यारा टनल का हिस्सा
गौरतलब है कि 12 नवंबर को दीपावली वाले दिन उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा-डंडालगांव टनल का 60 मीटर हिस्सा ढह गया था। इससे 41 मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए थे। इन मजदूरों में 15 लोग झारखंड के भी थे। बाकी मजदूर ओडिशा, यूपी, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के थे। 17 दिन तक चले लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मजदूरों को निकाला जा सका।