द फॉलोअप डेस्क
आज असम विधानसभा के सदस्यों ने बाढ़ राहत के लिए अपनी एक महीने की सैलरी दान करने का संकल्प लिया है। राज्य भर में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सभी पार्टियों के विधायक एक साथ आए हैं। इस फैसले को सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष, दोनों का समर्थन मिला है। TMC विधायक शेरमन अली अहमद ने पुष्टि की कि उनकी पार्टी के विधायक अपनी एक महीने की सैलरी का योगदान देंगे। AIUDF के विधायकों ने भी अपनी सैलरी देने का वादा किया और बताया कि पार्टी अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल पहले ही राहत कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये दान कर चुके हैं। AIUDF ने बाढ़ राहत के लिए 2 लाख रुपये का अतिरिक्त योगदान देने की भी घोषणा की।
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ऊपरी असम बाढ़ से जूझ रहा है
यह सामूहिक पहल ऐसे समय में की गई है जब असम, खासकर ऊपरी असम, बाढ़ से हुए भारी नुकसान से जूझ रहा है। इस बीच, BJP ने राहत और पुनर्वास कार्यों में मदद के लिए अपने कार्यकर्ताओं के बीच राज्यव्यापी फंड-रेज़िंग अभियान शुरू किया है। डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि पार्टी की योजना सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों - शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट - में 2 लाख महिलाओं और 2 लाख बच्चों को कपड़े बांटने की है। उन्होंने अनुमान लगाया कि इस पहल पर लगभग 12 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और BJP कार्यकर्ताओं व समर्थकों से योगदान देने की अपील की। मुख्यमंत्री के अनुसार, 2,000 रुपये तक का दान स्थानीय BJP विधायकों को दिया जा सकता है, जबकि इससे ज़्यादा का योगदान असम BJP के तय बैंक खाते में जमा किया जाना चाहिए।

किसानों को धान के बीज और पौधे मुफ्त में बांटेंगे
राहत के एक और कदम के तौर पर, कृषि मंत्री पीयूष हजारिका ने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले चार-पांच दिनों में जोरहाट, शिवसागर और चराइदेव में बाढ़ प्रभावित किसानों को धान के बीज और पौधे मुफ्त में बांटेगी। उन्होंने कहा कि वे खुद वितरण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। AIUDF अध्यक्ष और पूर्व लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल ने चराइदेव और शिवसागर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद 2 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत योगदान देने की घोषणा की। उन्होंने केंद्र सरकार से असम के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज मंज़ूर करने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तबाही का पैमाना ऐसा है कि इसके लिए लंबे समय तक पुनर्वास और समन्वित मानवीय प्रतिक्रिया की ज़रूरत है।
