द फॉलोअप डेस्क
केंद्र ने शनिवार को असम को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष' (SDRF) के तहत केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त के तौर पर 379.35 करोड़ रुपये जारी किए। इससे बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित और अब तक के सबसे खराब मॉनसून सीज़न का सामना कर रहे राज्य को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी। यह मदद गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान बाढ़ से प्रभावित सात राज्यों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को मज़बूत करने के लिए जारी किए गए कुल 2,117.85 करोड़ रुपये का हिस्सा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे राज्यों को हर ज़रूरी मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र बाढ़ की स्थिति पर बारीकी से नज़र रखेगा और राहत व बहाली के कामों के लिए समय पर मदद सुनिश्चित करेगा।

केंद्र राज्य सरकारों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है
गृह मंत्रालय ने कहा कि मॉनसून की शुरुआत से ही केंद्र राज्य सरकारों के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है और हर संभव मदद दी है। इसमें बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए ज़रूरत पड़ने पर रक्षा मंत्रालय से लॉजिस्टिकल सहायता के अलावा 'राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल' (NDRF) की टीमों को पहले से तैनात करना शामिल है। असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए, गृह मंत्रालय ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए 'अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें' (IMCTs) भेजी गई थीं। असम में IMCT के दो दौरे हुए हैं, जो तबाही के बड़े पैमाने और नुकसान के लगातार आकलन की ज़रूरत को दिखाते हैं। इसी तरह की आकलन टीमें अरुणाचल प्रदेश भी भेजी गई थीं, जबकि राज्य सरकार के अनुरोध पर नागालैंड के लिए एक IMCT बनाई जा रही है। पूर्वोत्तर राज्यों में, शनिवार को असम को सबसे ज़्यादा राशि मिली, जबकि अरुणाचल प्रदेश को अग्रिम राशि के तौर पर 44.55 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए।
