डेस्क:
देश में विकसीत पहली इंट्रानेजल वैक्सीन को आज (26 जनवरी) लांच कर दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) और साइंस-टेक्नोलॉजी मिनिस्टर जितेंद्र सिंह (Science-Technology Minister Jitendra Singh) ने दुनिया की पहली इंट्रानेजल कोविड-19 वैक्सीन iNCOVACC को लॉन्च किया है। इस कोवैक्सिन हैदराबाद को भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन (WUSM) के साथ मिलकर बनाया है। नाक से ली जाने वाली इस वैक्सीन को बूस्टर डोज के तौर पर लगाया जा सकेगा।

बूस्टर डोज के तौर पर लग सकेगी
दुनिया भर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने 23 दिसंबर 2022 को भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन को मंजूरी दी थी। यह वैक्सीन बूस्टर डोज के तौर पर लग सकेगी। नेजल वैक्सीन शुरुआत में प्राइवेट अस्पतालों में लगेगी। इस वैक्सीन को लेकर सरकार ने भारत के कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी शामिल किया है। इससे पहले भारत की औषधि महानियंत्रक DCGI ने भारत बायोटेक इंट्रानेजल कोविड वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी। वैक्सीन सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर 325 रुपये प्रति शॉट और निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए 800 रुपये प्रति शॉट के हिसाब से बेचेगी।

कैसे इस्तेमाल होती है नेजल वैक्सीन
यह वैक्सीन नाक के जरिए इस स्प्रे करके दी जाती है। डीसीजीआई ने कोविड वैक्सीन को 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए मंजूरी दी है। भारत बायोटेक की इस वैक्सीन का नाम BBV154 है।