द फॉलोअप डेस्क:
बंगाल की ममता सरकार में खेल राज्यमंत्री रहे पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने चुनाव नतीजे आने के अगले ही दिन टीएमसी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। हावड़ा के शिबपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे मनोज तिवारी ने आरोप लगाया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में उनसे टिकट के बदले 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। मनोज तिवारी ने दावा किया है कि 2026 में टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़े कम से कम 72 उम्मीदवारों ने ममता बनर्जी को 5-5 करोड़ रुपये दिए। मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि उनसे भी पैसों की मांग की गई थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसी वजह से टीएमसी ने उनको टिकट नहीं दिया।
পাপ বাপকেও ছাড়ে না! ????@AITCofficial deserves this refusal by the people of West Bengal. LOUD & CLEAR! ???? https://t.co/2inp7x3fc7
— MANOJ TIWARY (@tiwarymanoj) May 5, 2026
2019 में लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहती थीं ममता
मनोज तिवारी ने कहा कि ममता बनर्जी 2019 में उन्हें लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहती थीं, लेकिन उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया था। 2021 में उन्हें ममता बनर्जी ने दोबारा बुलाकर विधानसभा चुनाव लड़ने को कहा और वह शिबपुर से विधायक चुने गये। मनोज तिवारी ने कहा कि उनको खेल राज्यमंत्री बनाया गया लेकिन यह केवल लॉलीपॉप ही था। कैबिनेट की मीटिंग में उन्हें नजरअंदाज किया जाता था। यदि उन्होंने कभी किसी समस्या की ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ध्यान दिलाना चाहा तो जवाब मिला कि तुम्हारे लिए हमारे पास वक्त नहीं है। मनोज तिवारी ने कहा उनके लिए टीएमसी वाला अध्याय खत्म हो चुका है।
मनोज तिवारी ने कहा कि वह जब विधानसभा चुनाव लड़े तो उससे पहले पंजाब किंग्स के लिए इंडियन प्रीमियर लीग में खेल रहे थे। इंडिया टीम में वापसी करने की कोशिशों में लगे थे, लेकिन ममता बनर्जी के आग्रह पर राजनीति में आए।

बंगाल चुनाव में टीएमसी को मिली करारी शिकस्त
गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारुढ़ टीएमसी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। बीजेपी ने 208 सीटें जीतकर प्रचंड जनादेश हासिल किया है। टीएमसी महज 81 सीटें ही जीत सकी है। ममता बनर्जी भवानीपुर में चुनाव हार गईं। टीएमसी सरकार में मंत्री रहे कुल 7 विधायक चुनाव हार गए। ममता बनर्जी ने नतीजों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि वह सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी। हालांकि, संवैधानिक व्यवस्था में वह ऐसा नहीं कर सकती हैं। यदि, किसी सक्षम न्यायालय ने बंगाल विधानसभा चुनाव को अवैध घोषित किया तभी इसका विकल्प है।
वह नतीजों को 30 दिन के भीतर अदालत में चुनौती दे सकती हैं। हालांकि, 7 मई को बंगाल विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा तो ममता बनर्जी वैसी भी सीएम नहीं रहेंगी।