द फॉलोअप डेस्क
पत्रकार अजीत अंजुम के खिलाफ बेगुसराय में वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को लेकर गलत सुचना फैलाने के आरोप में FIR दर्ज कराया गया है। अजीत अंजुम ने 12 जुलाई को यूट्यूब चैनल पर अपलोड किये गये अपने एक वीडियो में साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया था। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने एक बयान में इन दावों को झूठा, भ्रामक और भड़काऊ बताया। 
BLO मोहम्मद अंसारुलहक ने 13 जुलाई को बेगुसराय के बलिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। और शिकायत में यह आरोप लगाया कि जब उनके द्वारा BLO ऐप के जरिये डेटा को अपलोड किया जा रहा था तब अजीत अंजुम और उनक साथियों ने उनसे मुलाकात की और क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं के बारे में सवाल करने लगे। अंजुम का ध्यान इस और था कि जो मुस्लिम मतदाता हैं उन्हें परेशान किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल झूठ है।
बेगुसराय जिला प्रशासन ने FIR मामले की जानकारी अपने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर दी है। वहीं प्रशासन ने निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए ये दावा किया है कि वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है। 
वहीं स्वतंत्र पत्रकार अजीत अंजुम ने FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा है कि "बेगूसराय के एक BLO पर दबाव बनाकर मुझ पर FIR की गई है । इस वीडियो को देखिए और तय कीजिए कि मैंने उस मुस्लिम BLO से क्या ऐसी बात की है, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव खराब होता है"। उन्होंने आगे लिखा "और कुछ नहीं मिला तो ये रास्ता निकाला। एक मुस्लिम BLO को मोहरा बनाकर मेरे खिलाफ इस्तेमाल किया गया । वीडियो में उठाए गए सवाल देने की बजाय प्रशासन डराने के हथकंडे अपना रहा है । बस इतना कह दे रहा हूं कि बेगूसराय में ही हूं । अगर जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लडूंगा । डरूंगा नहीं"।
वहीं अजीत अंजुम ने दोबारा एक पोस्ट किया है जिसमें लेटर की कॉपी भी अपलोड की गई है और पोस्ट में अजीत अंजुम ने लिखा है कि "बेगूसराय के एक मुस्लिम BLO को मेरे खिलाफ मोहरा बनाया है। मेरे वीडियो में ऐसा कुछ नहीं , जो इस FIR में कहा गया है। आप लोग देखें और तय करें। चालीस मिनट के वीडियो में कई सवाल हैं, जिनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। मेरे वीडियो को पब्लिश होने से रोकने के लिए कई बार SDM और BDO के फोन आए। क्योंकि मेरे कैमरे में बहुत कुछ ऐसा कैद हुआ जो उनके लिए फजीहत की वजह बना। मैंने उनकी बात नहीं सुनी। तो एक मुस्लिम BLO को दबाव में लाकर उनसे FIR दर्ज करवा दी गई"।
जानकरी के लिए बता दें कि यूट्यूब चैनल अपलोड किया गया यह वीडियो बलिया ब्लॉक में चल रहे वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अभियान की पड़ताल पर आधारित है जिसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग की गई है। इसमें यह दिखाया है कि कैसे बड़ी संख्या में बिना दस्तावेजों या तस्वीरों के फॉर्म भरे जा रहे हैं। इस ग्राउंड रिपोर्ट में BLO के साथ सीधी बातचीत का वीडियो है। जिसमें यह बताया गया है कि कुछ फॉर्म अधूरे हैं तो कुछ लोगों के नाम व पहचान पत्र ही गायब हैं। वहीं इस वीडियो में मुस्लिम बहुल को लेकर भी बात की गई है जहां 80% लोगों के फॉर्म जमा किया जा चुके हैं। यह रिपोर्ट कई तरह से इस प्रक्रिया पर सवाल खड़े रही है।