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सुप्रीम कोर्ट परिसर में ही समलैंगिक जोड़े ने की सगाई, तस्वीर शेयर कर कही यह बात

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द फॉलोअप डेस्क:

समलैंगिक कपल अनन्य कोटिया और उत्कर्ष सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट में सगाई कर ली। कोर्ट परिसर में ही दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई। बता दें कि समलैंगिक शादियों को मान्यता देने की मांग वाली याचिका दाखिल करने वालों में अनन्य और उत्कर्ष भी पार्थी थे। एक-दूसरे को अंगूठी पहनाने की तस्वीर ट्विटर (एक्स) पर शेयर करते हुए कपल ने लिखा कि कल हमें दुख हुआ। आज उत्कर्ष और मैं दोबारा कोर्ट गए। यहीं हमारे अधिकार खारिज किए गए थे, वहीं हमने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाई। कपल ने कहा कि हम अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए दोबारा लौटेंगे।

 

सुप्रीम कोर्ट ने मान्यता देने से इनकार किया
गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सहित 5 जजों की बेंच में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिंक शादियों को मान्यता देने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि इस बारे में कानून बनाने का अधिकार संसद और राज्य विधानसभाओं को है। वहीं, अविवाहित अथवा समलैंगिक कपल द्वारा बच्चा गोद लेने की मांग को भी 3:2 के फैसले से मान्यता नहीं दी गई। 

हालांकि, कोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को समलैंगिकों के अधिकार सुनिश्चित करने होंगे। चीफ जस्टिस ने कहा कि समलैंगिक कोई शहरी अवधारणा नहीं है। यह प्राकृतिक है। गांव में खेत में काम करने वाली कोई महिला समलैंगिक होने का दावा कर सकती है वहीं शहर में कोई अंग्रेजीदां व्यक्ति भी यही दावा कर सकता है। 

कुछ ऐसे अनन्या कोटिया से मिले थे उत्कर्ष
इधर, सुप्रीम कोर्ट परिसर में सगाई करने वाले अनन्या और उत्कर्ष की पहली मुलाकात दिल्ली यूनिवर्सटी के हंसराज कॉलेज में हुई थी। अनन्या ने बताया कि हमारी मुलाकात एक डिबेटिंग सोसायटी के जरिए हुई थी। हमारा रिश्ता अन्य रोमांटिक रिश्तों की तरह था लेकिन सार्वजनिक जीवन में हम खुद को अच्छे दोस्त बताते थे। बता दें कि उत्कर्ष सक्सेना सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं, वहीं अनन्या कोटिया ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की है। उन्होंने कहा कि यह लंबी लड़ाई है।

गौरतलब है कि कुछ साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक रिश्तों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। अब एलजीबीटीक्यू समुदाय शादी के अधिकार की मांग कर रहा है। दरअसल, भारत में बिना शादी के कई सारे कानूनी अधिकार नहीं मिलते।