द फॉलोअप डेस्क
असम के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Assam) हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने बुधवार को मोरान (Moran), मटाक (Matak), मिसिंग (Mising) और सोनोवाल-कचारी (Sonowal-Kachari) समुदायों (Communities) के संगठनों के साथ बातचीत की। इस चर्चा में 'मिशन बसुंधरा 4.0' (Mission Basundhara 4.0) के तहत भूमि अधिकारों (Land Rights) और लंबित निपटान मामलों (Pending Settlement Cases) पर बात हुई। यह बैठक डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) में मुख्यमंत्री सचिवालय (Chief Minister's Secretariat) में हुई। मुख्यमंत्री डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया (Tinsukia) जिलों के दो दिवसीय दौरे (Two-Day Visit) पर हैं। सोशल मीडिया (Social Media) पर एक पोस्ट में सरमा ने बताया कि मोरान और मटाक संगठनों के साथ हुई बातचीत में 'मिशन बसुंधरा 4.0' के तहत भूमि से जुड़ी शिकायतों (Land-Related Grievances) को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

समुदायों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी
प्रस्तावित उपायों में पोर्टल पर इन समुदायों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी करना, स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करना ताकि वे निवासियों को ऑनलाइन भूमि आवेदन जमा करने में मदद कर सकें, और जो आवेदक तय समय सीमा के भीतर प्रीमियम का भुगतान नहीं कर पाए हैं, उन्हें भुगतान के लिए अतिरिक्त समय देना शामिल है। मुख्यमंत्री की पोस्ट के अनुसार, चर्चा में आदिवासी क्षेत्रों में भूमि निपटान, प्रति परिवार 50 बीघा तक जमीन आवंटित करने और इस योजना के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करने जैसे विषय भी शामिल थे। प्रतिनिधियों ने अपने-अपने समुदायों से जुड़ी मांगें रखीं और 2026 के चुनावों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की।

वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को बसाने की जरूरत पर जोर
मिसिंग समुदाय के एक प्रतिनिधि ने बताया कि बैठक में 'मिसिंग स्वायत्त परिषद' (Mising Autonomous Council) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भूमि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें वे परिवार भी शामिल हैं जिन्हें 'मिशन बसुंधरा' के तहत अभी तक भूमि अधिकार नहीं मिले हैं, और साथ ही वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को बसाने की जरूरत पर भी बात हुई। प्रतिनिधि ने कहा, "2026 के चुनावों से पहले आज इन मुद्दों पर चर्चा की गई, क्योंकि लोग हमसे सवाल पूछेंगे।" असम कैबिनेट द्वारा 23 अक्टूबर को संबंधित नियमों को मंजूरी दिए जाने के बाद, मिसिंग और सोनोवाल-कचारी स्वायत्त परिषदों के चुनाव नवंबर 2026 में होने हैं।
