द फॉलोअप डेस्क
नए साल में ISRO ने इतिहास रच दिया है। इसरो का आदित्य-L1 स्पेसक्राफ्ट (Aditya-L1 Spacecraft) सूर्य के L1 पॉइंट पर पहुंच गया है। लॉन्चिंग के 126 दिन बाद आदित्य-L1 पहुंचा है। अब 5 साल तक वह सूर्य की स्टडी करेगा। ISRO की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने देशवासियों को बधाई दी है। पीएम ने अपने सोशल मीडिया एक्स (Social Media X) पर पोस्ट शेयर की है।

विज्ञान की नई सीमाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगा भारत- पीएम
भारत ने एक और उपलब्धि हासिल की। भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-एल1 अपने गंतव्य पर पहुंच गई है। यह सबसे जटिल और पेचीदा अंतरिक्ष अभियानों को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है। मैं इस असाधारण उपलब्धि की सराहना करने में राष्ट्र के साथ शामिल हूं। हम मानवता के लाभ के लिए विज्ञान की नई सीमाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।
India creates yet another landmark. India’s first solar observatory Aditya-L1 reaches it’s destination. It is a testament to the relentless dedication of our scientists in realising among the most complex and intricate space missions. I join the nation in applauding this…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 6, 2024

सूर्य पर क्या है L1
बता दें कि आदित्य-L1 स्पेसक्राफ्ट में 440N लिक्विड अपोजी मोटर (LAM) लगी है, जिसकी मदद से आदित्य-L1 को हेलो ऑर्बिट में पहुंचाया गया। यह मोटर इसरो के मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM) में इस्तेमाल की गई मोटर के समान है। इसके अलावा आदित्य-L1 में आठ 22N थ्रस्टर और चार 10N थ्रस्टर हैं, जो इसके ओरिएंटेशन और ऑर्बिट को कंट्रोल करने के लिए जरूरी हैं। L1 अंतरिक्ष में ऐसा स्थान है, जहां पृथ्वी और सूर्य की गुरुत्वाकर्षण शक्तियां संतुलित होती हैं। हालांकि L1 तक पहुंचना और स्पेसक्राफ्ट को इस ऑर्बिट में बनाए रखना कठिन टास्क है। L1 का ऑर्बिटल पीरियड करीब 177.86 दिन है।