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IT के हत्थे चढ़े 10 करोड़पति यूट्यूबर्स, जानें किन कारणों से हुई कार्रवाई

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द फॉलोअप डेस्क
अबतक तो हमने इनकम टैक्स अधिकारियों को बड़े कारोबारियों पर शिकंजा कसते देखा है। लेकिन अब तो उनकी रडार पर यूट्यूबर्स भी आ गए हैं। सुन कर थोड़ी हैरानी हो रही होगी। हमें भी हुई थी। लेकिन यह सच है। IT की टीम ने केरल में 10 यूट्यूबर्स के दफ्तर में छापेमारी की है। इनमें राज्य की मशहूर अदाकारा,TV होस्ट पियरले माने का भी नाम सामने आया है। आईटी अधिकारियों का कहना है कि इन सभी यूट्यूबर्स ने टैक्स चोरी की है। इनकी गतिविधियां और आय को देखने के बाद एक सूची बनाई गई थी। इनमें से कुछ यूट्यूबर्स ने महंगी जमीन, इमारतें और बेशकीमती संपत्तियां खरीदी हैं।


कमाई छिपाई और टैक्स नहीं भरा 
इनकम टैक्स की छापेमारी केरल के एर्नाकुलम, पथानामथिट्टा, त्रिशूर, अलाप्पुझा, कोट्टायम और कासरगोड जैसे कई जिलों में हुए है। कोच्चि में आयकर (आईटी) प्रवर्तन विंग द्वारा की गई छापेमारी के दौरान, यह पता चला कि कुछ यूट्यूबर्स ने अघोषित निवेश किया है। जिनका उनके टैक्स में उल्लेख नहीं था। इन यूट्यूबर्स ने दावा किया है कि उनकी आय हर महीने वीडियो में व्यूज़ के आधार पर अलग होती है। जिससे हमें इनके टैक्स भुगतान में शक हुआ। इनकी कमाई 1 से 2 करोड़ है। इन्होंने अपनी कमाई छिपाई है और अपना टैक्स नहीं भरा है।

इनके घर पड़ा छापा
 M4Tech: 11.2 मिलियन ग्राहक
अनबॉक्सिंग ड्यूड: 3.75 मिलियन सब्सक्राइबर
 अर्ज्यौ: 3.61 मिलियन सब्सक्राइबर
 मछली पकड़ने के शौकीन: 3.35 मिलियन ग्राहक
 अखिल एनआरडी: 2.83 मिलियन ग्राहक
 पियरले माने: 2.6 मिलियन ग्राहक
 जयराज जी नाथ: 1.72 मिलियन ग्राहक


सरकार ने यूट्यूबर्स की कमाई को जीएसटी में किया शामिल
जानकारी हो कि सरकार ने यूट्यूबर्स की कमाई को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के दायरे में शामिल कर लिया है। यू-ट्यूबर्स  के माध्यम से अर्जित विज्ञापन राजस्व 18% की जीएसटी दर के अधीन है, जिसमें 9% सीजीएसटी (केंद्रीय माल और सेवा कर) और 9% एसजीएसटी (राज्य माल और सेवा कर) शामिल है।नियमों के अनुसार, सामग्री निर्माताओं को अपने विज्ञापन राजस्व का खुलासा करने और लागू जीएसटी जमा करने के लिए जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करना और नियमित रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है। हालांकि, यह बताया गया है कि कई सामग्री निर्माता बड़े पैमाने पर मौजूदा कानूनों की अवहेलना कर रहे हैं और अपने जीएसटी दायित्वों को पूरा नहीं कर रहे हैं।

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