द फॉलोअप डेस्क
महाराष्ट्र के ठाणे से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक प्रेमी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर गर्लफ्रेंड को कार को कुचलकर मारने की कोशिश की है। लड़की अभी गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती है। लड़की का नाम प्रिया सिंह है। घटना की जानकारी प्रिया ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी है। साथ में कुछ तस्वीर भी साझा की है जिसमें साफ तौर पर लड़की के शरीर पर लगे चोट को देखा जा सकता है। प्रिया के पोस्ट के अनुसार जिस लड़के ने हैवानों वाला व्यवहार किया है उसका नाम अश्वजीत गायकवाड़ है। अश्वजीत के पिता एमएसआरडीसी के एमडी के हैं। पीड़ित लड़की का पोस्ट तेजी से वारयल हो रहा है।

ऊपर से प्रेशर के चलते पुलिस ने केस दर्ज से किया इनकार
पीड़िता प्रिया ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर आरोप लगाया है कि उसके प्रेमी ने उसके साथ मारपीट किया,उसे गाड़ी से कुचला और सड़क पर ही दर्द में पड़ा छोड़कर चले गए। इस दौरान अश्वजीत और उसके तीन दोस्त रोमिल, प्रसाद पाटील और सागर शेल्के ने पहले प्रिया के साथ मारपीट की। लिखा कि करने तक ऊपर से प्रेशर के चलते पुलिस ने केस दर्ज से इनकार कर दिया था। प्रिया का आरोप है कि अश्वजीत पहले से शादीशुदा था, उसने ये बात उससे छिपाई थी। उसने मुझे पहले कभी इनसिक्योर फील नहीं कराया। वो मुझसे कहता था कि शादी मैं शादी तुमसे ही करूंगा। मैं सेपरेट हूं। मेरा डिवोर्स हो चुका है।

थप्पड़ मारा, मेरी गर्दन दबाने की कोशिश की
लड़की ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा है कि सोमवार सुबह 4 बजे मुझे मेरे बॉयट्रिएंड (अश्वजीत गायकवाड़) का फोन आया और मैं उससे मिलने गई। वह अपने परिवार और हमारे कॉमन दोस्तों के साथ एक समारोह में थे। वहां पहुंचकर मैं कुछ दोस्तों से मिली और पाया कि मेरा बॉयफ्रेंड अजीब व्यवहार कर रहा था। इसलिए मैंने उससे पूछा कि क्या सब कुछ ठीक है और हमने उससे अकेले में बात करने के लिए आग्रह किया। उसके दोस्त (रोमिल पाटिल) ने मुझे ऐसा नहीं करने दिया बल्कि मेरा अपमान करना शुरू कर दिया। इससे आगे चलकर तीखी बहस हो गई। मेरे बॉयफ्रेंड और उसके दोस्त ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिस पर मैंने अपने बॉयफ्रेंड से मेरा बचाव करने और दुर्व्यवहार न करने के लिए कहा, जिसके कारण मेरी कल्पना से परे कुछ ऐसा शुरू हुआ। मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे थप्पड़ मारा, मेरी गर्दन दबाने की कोशिश की, मैंने उसे दूर धकेलने की कोशिश की, उसने मेरा हाथ काटा, मुझे पीटा, मेरे बाल खींचे और उसके दोस्त ने अचानक मुझे जमीन पर धकेल दिया। मैं जमीन पर गिर गई और कार का पिछला बायां पहिया मेरे दाहिने पैर के ऊपर से गुजर गया। वे 20-30 मीटर के बाद रुक गए और दर्द से कराहते हुए मदद की गुहार लगाई लेकिन वे भाग गए।
पुलिस को शामिल न करने की कही बात
प्रिया ने आगे कहा है कि मैं सड़क पर लगभग 30 मिनट तक बिना अपने फोन या किसी मदद के अकेले दर्द में पड़ा रहा। एक राहगीर ने मुझे देखा और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। यह अजनबी मेरी मदद करने के लिए मेरे पास रुका। कुछ देर बाद मेरे बॉयफ्रेंड का ड्राइवर यह देखने के लिए वापस आया कि मैं मर गई हूं या जिंदा हूं। ड्राइवर ने अजनबी को देखा और इसलिए पुलिस की किसी भी भागीदारी से बचने के लिए मुझे अस्पताल ले जाने का फैसला किया। अस्पताल जाते समय उसके ड्राइवर ने मुझे यह कहकर धमकाने की कोशिश की, "इसमें पुलिस को शामिल मत करो क्योंकि वैसे भी आप जानते हैं कि कितना अच्छा है।" चीचू भाई (अश्वजीत) जुड़े हुए हैं और आप कुछ नहीं कर पाएंगे क्योंकि मैं सारा दोष अपने ऊपर ले लूंगा" अस्पताल पहुंचने के बाद मैंने अपने परिवार से संपर्क करने के लिए कई बार अपना फोन मांगा। उन्होंने मेरा फोन दिया और डॉक्टरों द्वारा मेरे परिवार को सूचित करने पर जोर देने के बाद ही मेरी बहन को फोन करने को कहा।