द फॉलोअप डेस्क:
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सीएम पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। ममता बनर्जी ने कहा कि वह हारीं नहीं बल्कि हराई गई हैं। ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और कहा कि उनकी पार्टी हारी नहीं बल्कि हराई गई है। चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उसने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मुख्य विलेन जैसा व्यवहार किया है। ममता बनर्जी ने कहा कि चूंकि मैं लोकतांत्रिक तरीके से हारी नहीं हूं, इसलिए पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के सहयोग से कम से कम 100 सीटों को उनसे चुरा लिया है। उन्होंने इसे वोट डकैती कहा है।

भारतीय जनता पार्टी को 208 सीटों पर जीत मिली
दरअसल, 4 मई को चुनाव के नतीजे आये हैं। बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 208 सीटों पर प्रचंड जनादेश हासिल किया है। टीएमसी को 81 सीटें मिली है। ममता बनर्जी यहां पिछले 15 साल से सत्ता में थीं, लेकिन भाजपा ने टीएमसी का किला ढहा दिया। खुद ममता बनर्जी अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर में चुनाव हार गईं। उनके ही पुराने सहयोगी शुभेंदू अधिकारी ने उनको 15 हजार से ज्यादा मतों से हरा दिया है। चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी के रूख से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिरोध की आशंका पैदा हो गई है।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने पहले तो विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया में टीएमसी समर्थक मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से निकाल दिया। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 96 लाख लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया था। बीजेपी का कहना है कि ये लोग अवैध घुसपैठिए हैं जो वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया है कि केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती करके उनके कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराया-धमकाया गया। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि भवानीपुर में उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी काउंटिंग में धांधली की गई।