द फॉलोअप डेस्क:
टीम इंडिया (Team India) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) 45 साल की उम्र में भी अपनी फिटनेस को लेकर सजग रहते हैं। इसके पीछे नियमित एक्सरसाइज, वॉक और संतुलित खानपान जैसी आदतें अहम हैं। धोनी (Dhoni) का मानना है कि फिट रहने के लिए किसी खास उम्र का इंतजार करने के बजाय शुरुआत से ही अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना चाहिए। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग घंटों बैठकर काम करते हैं और छोटी दूरी तय करने के लिए भी गाड़ियों का सहारा लेते हैं। ऐसे में शरीर को पर्याप्त एक्टिविटी नहीं मिल पाती। धोनी ने जावेद अख्तर के साथ एक कार्यक्रम में युवाओं को फिटनेस से जुड़े कुछ जरूरी सुझाव दिए और बताया कि जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लंबे समय तक सेहतमंद रहने में मदद कर सकते हैं।

लंबे समय तक बैठकर काम करने से बचें
धोनी के फिटनेस मंत्रों में सबसे अहम है शारीरिक रूप से सक्रिय रहना। अगर आप ऑफिस या घर पर लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, तो बीच-बीच में उठकर टहलना जरूरी है। नियमित वॉक करने से शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा युवाओं को अपनी दिनचर्या में किसी न किसी खेल को भी शामिल करना चाहिए। क्रिकेट, बैडमिंटन या अपनी पसंद का कोई दूसरा खेल खेलने से शारीरिक गतिविधि बढ़ती है और मानसिक सेहत को भी फायदा मिल सकता है। रोजाना खेलना संभव नहीं है, तो सप्ताह में एक-दो दिन इसके लिए समय निकाल सकते हैं। धोनी की सलाह का मकसद साफ है कि कामकाज के बीच शरीर को पूरी तरह निष्क्रिय न होने दें और फिटनेस को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।

फास्ट फूड और ज्यादा चीनी से बनाएं दूरी, खानपान पर दें ध्यान
धोनी ने युवाओं को खानपान की आदतों में सुधार करने की भी सलाह दी। आजकल पिज्जा, बर्गर, मोमोज और चाउमीन जैसे फास्ट फूड आसानी से उपलब्ध हैं, जिस वजह से इनका सेवन बढ़ रहा है। हालांकि, ज्यादा तला हुआ, नमक और कैलोरी से भरपूर खाना नियमित रूप से खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इसी तरह चीनी और मीठे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन वजन बढ़ने और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए खाने में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए ऊर्जा का अहम स्रोत हैं, इसलिए रोटी और चावल को पूरी तरह छोड़ने के बजाय उनकी मात्रा और साथ में ली जाने वाली चीजों पर ध्यान देना चाहिए। दाल, सब्जियां, फल और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। कम उम्र से ही इन आदतों को अपनाने से भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिल सकती है।