डेस्क:
नरेंद्र मोदी कैबिनेट (Narendra Modi Cabinet) की बैठक समाप्त हो गई है। इस बैठक में तीन बड़े फैसले लिये गये। जिसमें सोलर पैनल में PLI योजना को मंजूरी दी गयी। साथ ही 14 क्षेत्र में PLI स्कीम लाई गई है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (National Logistics Policy) को मंजूरी दे दी। वहीं, नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट में सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने की योजना में संशोधन (amendments to the scheme to develop the semiconductor, display manufacturing ecosystem) को भी दी मंजूरी दी गयी। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।

19,500 करोड़ रुपये की PLI योजना को मंजूरी
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मंत्रिमंडल ने उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल के राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए 19,500 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को मंजूरी दी। जिसके बाद देश में वैश्विक स्तर के सोलर पैनल बनेंगे। कैबिनेट की बैठक के बाद अनुराग ठाकुर ने कहा, पीआईएल योजना को मंजूरी मिलने के बाद अब देश में अधिक से अधिक सोलर पैनल का निर्माण हो पायेगा। साथ ही विदेश से आयात में भी कमी आयेगी।
राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति क्या है
राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति का उद्देश्य परिवहन की लागत को कम करना और देश में वस्तुओं की आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति पेश की थी। उन्होंने इस नीति को पेश करते कहा था कि हमें कारोबार की मौजूदा लॉजिस्टिक लागत को 13-14 प्रतिशत से घटाकर जल्द से जल्द उसे एक अंक यानी 10 प्रतिशत से नीचे लाना चाहिए। इस नीति में लॉजिस्टिक क्षेत्र के लिए विस्तृत रूपरेखा तय करने के साथ बहु-साधन परिवहन जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। नीति के तहत प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित, नियामकीय ढांचे, कौशल विकास और प्रौद्योगिकियों के जरिये लॉजिस्टिक सेवाओं और मानव संसाधन में दक्षता लाने का लक्ष्य रखा गया है।

सेमीकंडक्टर फैब के लिए 50% प्रोत्साहन दिया जाएगा
सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने की योजना में संशोधन को भी दी मंजूरी दी गयी। प्रौद्योगिकी नोड्स के साथ-साथ मिश्रित अर्धचालक, पैकेजिंग और अन्य अर्धचालक सुविधाओं के लिए सेमीकंडक्टर फैब के लिए 50% प्रोत्साहन दिया जाएगा।