द फॉलोअप डेस्क:
भारतीय पैरा एथलीट नीरज यादव (Indian Para Athlete Neeraj Yadav) की मंगलवार रात कथित तौर पर आत्महत्या से मौत होने की खबर सामने आई है। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत की परिस्थितियों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने मीडिया से बातचीत में उनकी मौत की पुष्टि करते हुए इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। नीरज (Neeraj) ने भारतीय पैरा खेलों में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने 2018 एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के F55 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2022 एशियन पैरा गेम्स में भी उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उनकी मौत की खबर से खेल जगत में शोक है।

सात साल की उम्र में हुई थी बीमारी की पहचान
नीरज यादव F55 वर्ग के प्रमुख भारतीय थ्रोअर में शामिल थे। इस वर्ग में दिव्यांग एथलीट बैठकर भाला फेंक, चक्का फेंक और गोला फेंक जैसी स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं। नीरज को महज सात साल की उम्र में पोस्ट-पोलियो रेजिडुअल पैरालिसिस होने का पता चला था। इसके बावजूद उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2005 से 2012 के बीच व्हीलचेयर टेनिस में भी हिस्सा लिया, जिसके बाद पैरा एथलेटिक्स में अपना करियर आगे बढ़ाया। हालांकि, डोपिंग मामले में निलंबन के कारण वह इस महीने जापान के आइची-नागोया में आयोजित होने वाले 2026 एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके। रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रतिबंध के बाद वह भावनात्मक परेशानी से गुजर रहे थे। हालांकि, उनकी मौत और इन परिस्थितियों के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

डोपिंग विवाद में छिने थे दो स्वर्ण पदक
नीरज यादव का करियर डोपिंग विवाद से भी प्रभावित हुआ था। अक्टूबर 2023 में नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (NADA) ने बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र में उनका प्रतियोगिता से बाहर का सैंपल लिया था। जांच में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल के अंश पाए गए थे। नवंबर 2023 में उनके खिलाफ एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया और 2024 में उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। इस मामले के कारण हांगझोउ एशियन पैरा गेम्स में भारत के पदकों की संख्या 111 से घटकर 108 रह गई, जबकि स्वर्ण पदकों की संख्या 29 से घटकर 27 हो गई। इससे भारत अंतिम पदक तालिका में पांचवें से छठे स्थान पर आ गया। नीरज ने प्रतिबंधित पदार्थ जानबूझकर लेने से इनकार किया था। उन्होंने सैंपल के दूषित होने या उसे एकत्र करने और जांचने की प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए डीएनए जांच की मांग भी की थी। निलंबन के कारण उनका अंतरराष्ट्रीय करियर प्रभावित हुआ।