द फॉलोअप डेस्क
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कटक के पास नराज में 870 एकड़ का टेक्नोलॉजी हब बनाने की योजना की घोषणा की। इसे सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT इंडस्ट्रीज़ के लिए ‘ओडिशा सिलिकॉन वैली’ के नाम से जाना जाएगा। माझी ने नई दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 में यह घोषणा की। इस दौरान ओडिशा को लगभग 23,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी मिले, जिनसे 6,100 नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
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प्रस्तावित हब कटक-भुवनेश्वर अर्बन कॉरिडोर पर बनेगा
यह प्रस्तावित हब कटक-भुवनेश्वर अर्बन कॉरिडोर पर रणनीतिक रूप से स्थित है और यहां से प्रमुख नेशनल हाईवे के अलावा पारादीप और धामरा बंदरगाहों तक भी पहुंचा जा सकता है। सरकार के अनुसार, यह कनेक्टिविटी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और इससे जुड़ी इंडस्ट्रीज़ में मदद कर सकती है। इस इवेंट के दौरान, माझी ने ग्लोबल और घरेलू टेक्नोलॉजी कंपनियों, इंडस्ट्री बॉडीज़ और जापान, स्वीडन व ताइवान के डेलिगेशन से मुलाकात की। बातचीत में शामिल कंपनियों में लैम रिसर्च, एप्लाइड मैटेरियल्स, SiCSem, 3D ग्लास सॉल्यूशंस, साइएंट, लिंडे और होरिबा इंडिया शामिल थीं।

अतिरिक्त 25% वित्तीय सहायता
राज्य ने सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) सब्सट्रेट वेफर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए क्वाडक्वांटम के साथ एक लेटर ऑफ़ इंटेंट (इरादे का पत्र) पर भी साइन किए। ओडिशा ने अपनी सेमीकंडक्टर पॉलिसी में बदलाव किया है ताकि ISM-मंजूर प्रोजेक्ट्स, जिनमें सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, खास गैसें, रॉ मैटेरियल और सप्लाई-चेन सेगमेंट शामिल हैं, को अतिरिक्त 25% वित्तीय सहायता दी जा सके। मुख्यमंत्री ने सेमीकॉन इंडिया 2026 में ओडिशा पवेलियन का भी उद्घाटन किया, जिसमें राज्य की कंपनियों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स और चिप-डिज़ाइन पहलों को दिखाया गया।

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