द फॉलोअप डेस्क
मध्य प्रदेश के भोपाल में दहेज मामले में फंसे एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान राजीव गिरी के रूप में हुई है। उनकी पत्नी जानकी ने 26 जनवरी को उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। शादी के 30 साल बाद हुए इस मुकदमे से राजीव बेहद परेशान थे। मानसिक तनाव में आकर उन्होंने 1 फरवरी को जहर खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
अस्पताल में भी दर्ज कराई गई एक और शिकायत
एक रिपोर्ट के अनुसार, राजीव और जानकी के दो बच्चे हैं – एक विवाहित बेटी और 25 वर्षीय बेटा। राजीव जब अस्पताल में भर्ती थे, तब उनकी पत्नी जानकी ने पुलिस में एक और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव ने उन पर दबाव बनाने के लिए जहर खाया था ताकि वह दहेज उत्पीड़न का केस वापस ले लें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रतन सिंह परिहार ने तुरंत एक कांस्टेबल को अस्पताल भेजकर राजीव का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। लेकिन जब पुलिस अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने बताया कि राजीव की हालत बेहद नाजुक है और वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई और आधे घंटे के भीतर उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजीव की आत्महत्या के पीछे के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है और सभी संबंधित जानकारियां जुटाई जा रही हैं।