द फॉलोअप डेस्कः
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बुधवार से ही आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी है। मुठभेड़ में सेना के दो अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। इनमें से एक आगरा के रहने वाले शुभम गुप्ता हैं। शुभम ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। कैप्टन शुभम गुप्ता के शहीद होने की खबर जैसे ही घर पहुंची वैसे ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शहीद के पिता बसंत गुप्ता का फफक-फफक कर रोने लगे। कैप्टन शुभम के दोस्त उनसे मिलने आए तो वह उनके सीने से लिपटकर रोने लगे। कल रात से ही सैकड़ो लोग शुभम के घर आ रहे हैं।

इस छुट्टी में घर आने वाला था
कैप्टन शुभम के पिता बसंत गुप्ता रोते हुए कहा रहे हैं कि 2 दिन पहले ही बेटे से बात हुई थी तब बेटे ने कहा था कि कुछ काम बाकी उसे पूरा करके बहुत जल्द वापस आऊंगा। दो दिन बाद ही छुट्टी पर घर आने वाला था। पिछले 15 दिनों से बस यही कह रहा था कि एक काम है, वह खत्म हो जाए तो आता हूं। वह तो नहीं आया लेकिन उसके शहीद होने की खबर आई। इस साल शुभम की शादी की तैयारी की जा रही थी। शुभम के शहीद होने की खबर के बाद माता-पिता बेसुध हो गये हैं। पिता पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। गुरुवार शाम तक शुभम गुप्ता का पार्थिव शरीर घर आएगा।

श्रद्धांजलि देने वालों का लगा है तांता
बता दें कि राजौरी में बुधवार को आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के दौरान राजौरी में सेना को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। जिसमें आतंकियों से मुकाबला करते हुए कैप्टन शुभम शहीद हो गए। शुभम के घर पहुंचने वालों में आगरा के डिस्ट्रिक्ट जज भी जिला शासकीय अधिवक्ता (क्रिमिनल) बसंत गुप्ता, सांसद, विधायक आम जन शामिल हैं। देर रात आगरा से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल और राजकुमार चहार ने शहीद शुभम गुप्ता के परिवार के लोगों से मिलने पहुंचे थे।

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