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ओडिशा में परिचय लिटेरचल फेस्टिवल 2023 का आयोजन, झारखंड के शिरोमणि हुए सम्मानित

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द फॉलोअप टीम 

ओडिशा के भुवनेश्वर में गुरू केलीचरण रिसर्च सेंटर के रंगभवन मे 18 व 19 नवम्बर को परिचय लिटेरचल फेस्टिवल 2023 का दो दिवसीय आयोजन हुआ। इसमें उडीसा, झारखंड, बिहार, प बंगाल, असम, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडू आदि राज्यों के साहित्यकारों ने शिरकत की। कार्यक्रम में झारखंड के साहित्यकार शिरोमणि महतो को सम्मानित किया गया। साहित्योत्सव का उद्घाटन केन्द्रीय साहित्य अकादमी के अध्यक्ष व साहित्यकार माधव कौशिक के हाथों हुआ। मौके पर उनक साथ उडिया भाषा के साहित्यकार पद्मभूषण सीताकांत महापात्रा, पद्मश्री देवी प्रसन्न पटनायक,  डॉ प्रफुल्ल कुमार मोहंती, डॉ फनी मोहंती, पूर्व विधायक प्रियदर्शी मिश्रा की उपस्थित रही। 

आज का लेखन जोखिमों से भरा 
कार्यक्रम में झारखंड के चर्चित साहित्यकार शिरोमणि राम महतो ने साहित्योत्सव के दो सत्रों में हिस्सा लिया। पेनल डिस्कशन "इंटैलेक्चुअल फ्रीडम ऑफ ए राइटर" सत्र में शिरोमणि ने हुए कहा कि आज लेखन कार्य बहुत ही जोखिमों से भरा है। फिर भी हमें अभिव्यकि के खतरे उठाने पडेंगे। वरना अराजक तत्व हमारे समाज और सभ्यता को खतरे में डाल देंगे। मौके पर आयोजक दम्पति पूर्व विधायक प्रियदर्शी मिश्रा व डॉ रोजलिन पी मिश्रा ने शिरोमणि महतो को सम्मानित भी किया। लिटरेचर फस्टिवल में तात्कालिक मुद्दों पर ग्रुप डिस्कशन,पत्रिका-पुस्तक विमोचन, बहुभाषी कविता  पाठ के अलावे संगीत और नृत्य का रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। प्रख्यात ओड़िया नर्त्तक गुरु शाश्वत जोशी ने कई मनमोहक लोक नृत्य प्रस्तुत किए। जनजातीय कलाकारों के द्वारा भी लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। 

साहित्योत्सव में इनकी रही भागीदारी 
दो दिनों तक चले साहित्योत्सव में पद्मभूषण सीताकांत महापात्रा,  पद्ममश्री देबी प्रसन्न पटनायक,  केन्द्रीय साहित्य अकादेमी के सचिव डॉ के श्रीनिवास राव, डॉ फनी मोहंती, डॉ प्रफुल्ल कुमार मोहंती,   प्रियदर्थि मिश्रा, डॉ रोजलिन पी मिश्रा, बिनोद कुमार विद्रोही, संघमित्रा रायगुरू, पारमिता सांरगी,  डॉ सोनाली साहू, मृत्युंजय प्रभाकर, उदय थुलुंग हिमांशु परीद, वीणा भट्ट, संजीव छेत्री, रचना यांचे, एलसी राव, सरोज मल्लिक,  अग्नि राय, विदिशा सरकार आदि सैकड़ो साहित्यकार उपस्थित मौजूद रहे।