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बहन की शादी के पैसे बिजनेस में डूबने पर युवक इंस्टाग्राम LIVE आकर कर रहा था सुसाइड, ऐसे बची जान

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द फॉलोअप डेस्क:
आजकल लोग हर छोटी-छोटी बातों पर आत्महत्या कर लेते है। कभी परीक्षा में फेल होने पर तो कभी प्यार में धोखा खाने पर.... वहीं इन दिनों एक नया ट्रेंड चल रहा है। जिसमें लोग सुसाइड करने से पहले फेसबुक पर लाइव आकर अपनी आपबीती सुनाते हैं फिर अपनी जान ले लेते हैं। ऐसी मामलों में ज्यादातक लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। लेकिन ऐसा एक मामला सामने आया है जिसमें लाइव आने के कारण एक युवक की जान बच गई। अब आप सोच लोग होंगे कैसे? दरअसल इंस्टाग्राम पर लाइव आकर उत्तर प्रदेश का एक लड़का देर रात फांसी पर लटकने की तैयारी कर रहा था। इस लाइव पर जैसे ही इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा हेडक्वार्टर की नजर पड़ी। टीम ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को ईमेल अलर्ट भेजा। इस ईमेल में युवक का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ था। युवक का नाम अभय है। पुलिस ने तुरंत नंबर को सर्विलांस पर लिया, तो लोकेशन गाजियाबाद की निकली। पुलिस ने नंबर पर कॉल किया। पहले तो 7 बार कॉल को काट दिया गया।


SHO ने आश्वस्त किया कि वो बस बात करता रहे

पुलिस लगातार लड़के को फोन मिलाने में लगी रही। इसी बीच लड़के ने फोन उठाया। फोन के एक ओर लड़का वहीं दूसरी ओर  विजयनगर थाने की SHO अनीता चौहान थी। वह लड़के से बात करने लगी।   SHO अनीता चौहान ने एक अख्बार से बात करते हुए बताया कि जैसे ही फोन उठा बच्चा रो रहा था। मैंने उसे समझाया। मैंने उसे आश्वस्त किया कि वो बस बात करता रहे। मैंने उससे ये भी कहा कि न तो मैं वहां आ रही और न ही पुलिस भेज रही हूं, लेकिन वो फोन न काटे और सिर्फ बात करता रहे।बता दें कि अलर्ट भेजने से लेकर पुलिस के पहुंचने में महज 13 मिनट का समय लगा। 

यूपी पुलिस ने मेटा से ऐसे मामलों पर अलर्ट करने को कहा था

पुलिस ने करीब 6 घंटे तक लड़के का काउंसिलिंग किया। इसके बाद उसे परिवार के पास पहुंचने के बाद ही पुलिस वापस लौटी। बता दें कि 7 सितंबर 2022 को यूपी पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को फेसबुक मुख्यालय से अलर्ट मिला। बताया गया कि लखनऊ का एक युवक आत्महत्या करने जा रहा है। फेसबुक ने इस युवक की लोकेशन, नाम और मोबाइल नंबर पुलिस को दिया। पुलिस तुरंत घर पहुंच गई और नीट अभ्यर्थी को सुसाइड करने से बचा लिया।


बहन की शादी के पैसा डूबने से था निराश
लड़के ने पुलिस काउंसिलिंग में बताया कि वह उत्तर का कन्नौज का रहने वाला है। वह गुरुग्राम की कैशिफाई कंपनी में जॉब करता था। जो पुराने मोबाइल सेल-परचेज का काम करती है। अभय डीलरों से पुराने फोन लेकर कंपनी को देता था। कंपनी फोन ठीक करके मार्केट में अच्छे रेट पर बेच देती थी। अभय को हर मोबाइल पर 20% कमीशन मिलता था। अभय को इसमें फायदा हुआ, तो कुछ महीने जॉब छोड़कर वह निजी तौर पर यह काम करने लगा, लेकिन कुछ समय बाद अभय को काम में नुकसान होने लगा। इसकी भरपाई के लिए उसने अपनी मां से 90 हजार रुपए उधार लिए। मां ने यह रकम अभय की बहन की शादी के लिए रखी हुई थी। जब यह रकम भी डूब गई तो अभय निराश हो गया और आत्महत्या करने पहुंच गया।