द फॉलोअप डेस्क
पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (Northeast Frontier Railway-NFR) ने कटिहार डिवीजन (Katihar Division) के अंतर्गत 6.8 किलोमीटर लंबी रंगपानी-बागडोगरा साइडिंग लाइन (Rangapani-Bagdogra Siding Line) को नियमित माल ढुलाई (Regular Freight Operations) के लिए खोल दिया है। इससे माल ढुलाई की कनेक्टिविटी (Freight Connectivity) बेहतर होगी और सामान की आवाजाही (Movement of Goods) अधिक कुशलता से हो सकेगी। काफी समय से बंद पड़ी इस लाइन को मौजूदा रेलवे बुनियादी ढांचे (Existing Railway Infrastructure) का उपयोग करते हुए बहुत कम खर्च (Low Cost) में फिर से चालू कर दिया गया है, ताकि माल ढुलाई की बढ़ती जरूरतों (Growing Freight Demand) को पूरा किया जा सके।

फोर्ब्सगंज के रास्ते ईस्ट सेंट्रल रेलवे से NFR
इस नई व्यवस्था से, फोर्ब्सगंज के रास्ते ईस्ट सेंट्रल रेलवे से NFR में आने वाली ट्रेनों को अब सिलीगुड़ी जंक्शन पर रिवर्स (दिशा बदलने) करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ऊर्जा की बचत होगी, ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक) का अनावश्यक ठहराव कम होगा, और दिशा बदलने की प्रक्रिया के दौरान क्रू तथा शंटिंग स्टाफ की जरूरत भी घटेगी। NFR अब फोर्ब्सगंज के रास्ते ईस्ट सेंट्रल रेलवे से रोजाना कम से कम 10 ट्रेनें प्राप्त कर सकेगा, जिन्हें बारसोई के आगे के गंतव्यों तक भेजा जा सकेगा। उम्मीद है कि इस व्यवस्था से माल संभालने की क्षमता, परिचालन दक्षता और रोलिंग स्टॉक के उपयोग में सुधार आएगा।

माल ढुलाई को अधिक भरोसेमंद बनाएगा
यह अतिरिक्त रूट परिचालन में अधिक लचीलापन लाएगा और व्यापारियों, व्यवसायों तथा उपभोक्ताओं के लिए माल ढुलाई को अधिक भरोसेमंद बनाएगा। साथ ही, इससे माल ढुलाई की मात्रा और राजस्व बढ़ाने के नए अवसर भी पैदा होंगे। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, NFR के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में, कटिहार डिवीजन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से इस लाइन को फिर से चालू किया गया है।
